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दो चुनाव हारे शर्मा पर बीजेपी को भरोसा, जानिए क्यों कटा साध्वी प्रज्ञा का टिकट

2024 के रण में बीजेपी ने भोपाल से आलोक शर्मा को मैदान में उतारा है।सत्ता, संघ और संगठन से तालमेल के चलते आलोक शर्मा बीजेपी की पसंद बने। स्थानीय मुद्दों पर लगातार संघर्ष की वजह से उनकी जुझारू नेता की पहचान है। इधर विवादित बयान और क्षेत्र में निष्क्रियता साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का टिकट कटने की सबसे बड़ी वजह बनी। स्थानीय मुद्दों से दूरी की वजह से साध्वी प्रज्ञा का टिकट काट दिया गया।

गांधी पर दिया था विवादित बयान


महात्मा गांधी पर दिए गए बयान के बाद पीएम नरेंद्र मोदी PM narendra modi ने भी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने इतना तक कह दिया था कि मैं इस बयान के लिए उन्हें कभी माफ नहीं कर सकूंगा। स्थानीय स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं होने और स्थानीय कार्यक्रमों को तवज्जो नहीं देने से कार्यकर्ता भी निराश थे।

भोपाल से रह चुके हैं पार्षद और महापौर
राजधानी के पूर्व मेयर आलोक शर्मा Alok Sharma को शीर्ष नेतृत्व ने चुनावी मैदान में उतारा है। स्थानीय फीडबैक भी शर्मा के पक्ष में था। हाल ही में विधानसभा चुनाव में उत्तर विधानसभा से हार का सामना करने के बावजूद आलोक शर्मा लगातार राजनीति में सक्रिय थे। राजधानी की समस्याओं को लेकर वे जूझते रहे। शनिवार को भी संगठन से मतदाताओं को जोडऩे के लिए रैली में शामिल होकर गली-गली घूम रहे थे। तभी शाम के व€त उन्हें भाजपा का
लोकसभा चुनाव प्रत्याशी बनाए जाने की सूचना मिली। दो बार विधानसभा चुनाव हारने पर भी बीजेपी ने उनपर भरोसा जताया।

परिवार में जश्न का माहौल: भोपाल लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाए जाने
के बाद भाजपा प्रत्याशी आलोक शर्मा के प्रोफेसर कॉलोनी एवं गुर्जरपुरा
स्थित निवास पर जश्न का माहौल है। शनिवार शाम से उनके घर पर बधाई
देने वालों का तांता लगा रहा। पिता गौरी शंकर शर्मा, भाई संजय शर्मा
सहित परिजनों से मिलकर लोग अपनी भावनाएं व्य€त करते नजर आए।

नाम: आलोक शर्मा
उम्र: 53
शिक्षा: स्नातक
एक नजर राजनीति करियर पर
— वर्ष 1977 से स्वयंसेवक के बाल कार्यकर्ता बनकर संघ की शाखा में जाना
शुरू किया
— 1984 में भाजपा चौक मंडल के मंत्री बने।
— 1988 में भारतीय जनता युवा मोर्चा भोपाल जिला उपाध्यक्ष बने।
— 1994 में पहली बार नगर निगम का चुनाव जीतकर वार्ड नंबर 22 के
पार्षद बने।
— 2008 में उत्तर विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी बनाए
गए।
— 2010 एवं 2013 में भाजपा जिला अध्यक्ष बनाए गए।
— फरवरी 2015 में नगर निगम भोपाल के महापौर चुने गए।
— 2023 में उत्तर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी बनाए गए।

भोपाल की डेमोग्राफ्री
संसदीय इलाके में कुल आबादी में 56 फीसदी हिंदू
कुल आबादी 40 प्रतिशत मुसलमान
कुल मतदाताओं की संख्या 20 लाख
संसदीय सीट में 7 विधानसभा सीटें
(बैरसिया, भोपाल उत्तर, नरेला, भोपाल दक्षिण-पश्चिम, भोपाल मध्य,
गोविंदपुरा और हुजूर)

भाजपा द्वारा लोकसभा प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद आलोक शर्मा ने कहा कि भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने मुझ पर भरोसा जताया है। नाम की घोषणा के बाद अब मैं दोगुनी ऊर्जा महसूस कर रहा हूं। आने वाले पांच साल राजधानी के विकास के लिए स्वर्णकाल बनेगा यही मेरा प्रयास होगा।

पार्षद, महापौर और स्थानीय नेता होने के नाते मैंने इस शहर के विकास के लिए हर स्तर पर काम किया है। कहां €या कमी है और €या जरूरत है इसकी बेहतर मालूमात भी है। दिल्ली और भोपाल के बीच तालमेल बनाकर अधूरे विकास कार्य को पूरा करेंगे।

इसलिए टिकट कटा भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह Sadhvi Pragya ठाकुर का
— प्रज्ञा के विवादित बयान
— केंद्रीय नेतृत्व की नाराजगी
— स्थानीय मुद्दों से लगातार दूरी बनाए रखना



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