अफवाह के चलते 28 लोगों की पीटकर हत्या कर दी गई, अब हर जिले में बनेगी स्पेशल टास्क फोर्स, सोशल मीडिया के कंटेेंट पर रखेगी नजर
- देश में लिंचिंग की घटनाओं पर केंद्र ने महीनेभर में दूसरी बार निर्देश जारी किए
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- मॉब लिंचिंग रोकने के लिए सरकार प्रभावी कानून बनाए
दिल्ली । केंद्र सरकार ने मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकारों को निर्देश जारी किए। इसके मुताबिक, सभी जिलों में एसपी रैंक के अफसर की निगरानी में स्पेशल टास्क फोर्स बनाई जाएगी। यह टीम इलाके की खुफिया जानकारी जुटाने के साथ सोशल मीडिया कंटेंट पर भी नजर रखेगी ताकि बच्चा चोरी की अफवाह या गो तस्करी के शक में किसी की हत्या न हो।
गृह मंत्रालय ने यह भी कहा कि अगर स्पेशल फोर्स या जिला प्रशासन के अफसर निर्देशों के पालन और घटनाओं की जांच में ढिलाई बरती तो इसे लापरवाही के तौर पर देखा जाएगा। ऐसे अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। केंद्र सरकार ने 17 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन पर निर्देश जारी किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि लोकतंत्र को भीड़तंत्र में बदलने नहीं दिया जा सकता है। लिंचिंग रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें तुरंत कदम उठाएं। किसी भी नागरिक को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं।
मंत्रियों के समूह का गठन हुआ : मोदी सरकार ने सोमवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों के समूह का गठन किया। गृह सचिव राजीव गाबा की अध्यक्षता में एक पैनल भी बनाया गया। यह भीड़ के द्वारा हिंसा और हत्याओं की घटनाएं रोकने के लिए सुझाव देगा। राजनाथ ने कहा था कि पैनल 15 दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करेगा। पैनल सुझाव मंत्रियों के समूहों को भेजेगा, जो प्रधानमंत्री के सामने रखे जाएंगे।
राज्य सरकारों के पास पर्याप्त अधिकार : पिछले दिनों सरकार ने संसद में बताया था कि देश के कई हिस्सों से हाल ही में ऐसी घटनाएं आई हैं। इनसे निपटने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। यह राज्यों की जिम्मेदारी है कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखें और नागरिकों की रक्षा करें। राज्य सरकारों के पास ऐसे मामलों में जरूरी फैसले लेने के लिए पर्याप्त अधिकार हैं।

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