7.5 करोड़ रुपए से राजवाड़ा जैसा बनेगा इंदौर रेलवे स्टेशन - Web India Live

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7.5 करोड़ रुपए से राजवाड़ा जैसा बनेगा इंदौर रेलवे स्टेशन


इंदौर। शहर की शान कहे जाने वाले राजवाड़ा की प्रतिकृति रेलवे स्टेशन के बाहर नजर आएगी। 1820 से 1833 के बीच राजवाड़ा बनाने में करीब साढ़े चार लाख रुपए खर्च हुए थे, अब इसकी प्रतिकृति बनाने और अन्य विकास कार्यों में साढ़े सात करोड़ खर्च होंगे। करीब पांच महीने की कवायद के बाद रेलवे बोर्ड ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म-1 के बाहर प्रतिकृति बनाने समेत कुछ अन्य विकास कार्यों की मंजूरी दे दी है। इधर, पश्चिम रेलवे के रतलाम रेल मंडल ने डिटेल प्रोजेक्ट बनाकर इसी साल प्रतिकृति निर्माण की तैयारी तेज कर दी है।
बदल जाएगा नजारा
प्रतिकृति के लिए प्लेटफॉर्म पर बनी दो टर्मिनल बिल्डिंग के बीच की जगह चिन्हित की गई है। प्रतिकृति की दोनों भुजाएं दोनों टर्मिनल बिल्डिंग के सामने बनेंगी। जहां मुख्य भवन बनेगा, वहीं पहले रेलवे ने भाप का इंजन रखा था। दोनों भुजाओं के बीच से यात्रियों की आवाजाही के लिए दरवाजे बनाए जाएंगे। प्लेटफॉर्म-1 के बाहर का पूरा सर्कुलेटिंग एरिया भी नए सिरे से डिजाइन होगा और पार्किंग व्यवस्था बदली जाएगी। दूसरी सुविधाओं में स्टेशन अधीक्षक चेंबर के आसपास वेटिंग हॉल और वीआईपी लाउंज बनाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को इधर-उधर न बैठना पड़े। इसी में पेड लाउंज भी होंगे। मालूम हो, रेल मंत्री ने मार्च में इंदौर प्रवास के दौरान शहर के रेलवे स्टेशन पर राजवाड़ा की प्रतिकृति बनाने की घोषणा की थी।
जीआरपी, रेलवे मजिस्ट्रेट और डाक विभाग का ऑफिस हटेगा
अफसरों के मुताबिक, प्रतिकृति बनाने के साथ जीआरपी, रेलवे मजिस्ट्रेट और डाक विभाग का ऑफिस हटाकर यात्री सुविधाओं के लिए जगह निकाली जाएगी। इससे यात्री सुविधाओं के विकास के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी। रतलाम रेल मंडल के प्रबंधक (डीआरएम) आरएन सुनकर ने बताया कि इस योजना में ज्यादातर खर्च प्रतिकृति के निर्माण पर ही होगा। डिटेल प्लानिंग कर एस्टिमेट बनाया जा रहा है। दो-तीन महीने में टेंडर बुलाए जाएंगे। डेढ़ साल में प्रोजेक्ट पूरा होने का अनुमान है।
सीमेंट-कांक्रीट से ही बनेगा अधिकांश हिस्सा
- इमारत का ज्यादातर हिस्सा सीमेंट-कांक्रीट से ही बनेगा और भुजाएं बनाने के लिए स्टोन क्रेडिंग की जाएगी।
- परिसर के सर्कुलेटिंग एरिया की एंट्रीएग्जिट व्यवस्थित की जाएगी।

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