प्रेम-प्रसंग से गुस्साए पिता और भाई ने अपनी ही लड़की को जिंदा जलाया
खंडवा। जिले के चैनपुर गांव में शुक्रवार को 19 साल की एक लड़की को जिंदा जला दिया गया। परिजन लड़की के प्रेम-प्रसंग को लेकर गुस्से में थे। सुबह लड़के के घर बेटी को देख पिता और भाई ने उग्र होते हुए उसे आग के हवाले कर दिया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में प्रेम-प्रसंग के चलते वारदात को अंजाम दिया गया है। प्रकरण दर्ज कर पिता और भाई को हिरासत में लिया गया है।
टीआई कैलाश पांसे के अनुसार घटना खालवा चौकी के चैनपुर गांव की है। यहां रहने वाली 19 साल की लक्ष्मी पिता सुंदरलाल का घर के सामने रहने वाले एक युवक से प्रेम-प्रसंग था। शुक्रवार को लड़की युवक के घर गई थी। पिता बेटी को लड़के के घर देख आगबबूला हो गए और उसे चिल्लाते हुए बाहर बुलाया। लड़की के बाहर आते ही वे उसे पकड़कर भीतर ले गए और मारपीट की। बेटी को दुबारा युवक से मिलने अौर उसके घर जाने से मना किया, लेकिन लड़की ने ऐसा करने से मना कर दिया। लड़की की ना सुन पिता और भाई ने गुस्से में आकर घर में रखा केरोसिन उसके ऊपर उड़ेल कर आग लगा दी। लड़की की चीख सुन पड़ोसी मौके पर पहुंचे तो वह जल रही थी। लड़की के साथ मारपीट होने की सूचना तत्काल लड़के ने खालवा पुलिस को दी। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची लड़की जिंदा जल चुकी थी। पुलिस ने शव को पीएम के लिए भिजवाया। मामले में पिता और भाई का नाम सामने आने पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है।
लड़के के परिजन शादी को तैयार थे :दोनों ने पढ़ाई छोड़ दी थी। करीब 10 महीने से उनका प्रेम-प्रसंग चल रहा था। यह बात दोनों परिवारों को पता थी। लड़के के परिजनों को इस रिश्ते से कोई परेशानी नहीं थी। उन्होंने इस रिश्ते के लिए लड़की के परिजनों से बात भी की, लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं थे।
लड़की को मार दूंगा, काट दूंगा, लेकिन शादी नहीं कराऊंगा :लड़के की मां सुशीला ने बताया कि लड़की मेरे घर आई थी। मैंने कहा कि यदि लड़का और लड़की शादी करने को तैयार हैं तो मैं दोनों की शादी करा दूंगी। इसे लेकर दो-तीन दिन पहले खालवा भी गई थी वहां मुझे कहा गया कि लड़ाई झगड़ा मत करो, लड़का-लड़की राजी है तो दोनों की कोर्ट मैरिज करवा दो। इस पर मैंने सुबह लड़की के माता-पिता और भाई को बुलाया और कहा कि चलो दोनों की कोर्ट मैरिज करा देते हैं, ये दोनों आए दिन लड़ाई झगड़ा करते हैं और दवाई पीने की धमकी देते हैं। इस पर लड़की के परिजनों का कहना था कि हम तो नहीं जाएंगे, लड़की को मार दूंगा, काट दूंगा, लेकिन शादी नहीं कराऊंगा। इसके बाद लड़की का हाथ पकड़कर मारते-पीटते हुए घर के आंगन में ले गए, मैंने और लड़की की मां ने बचाने की भी कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने। बाद में भाई ने उसे पटक दिया और पिता ने केरोसिन डालकर आग लगा दी। वह बचाने के लिए चीखती रही और आखिरी में उसने तड़पते हुए दम तोड़ दिया।
पिता ने दी थी जान से मारने की धमकी : लड़के की मां का कहना है कि इन दोनाें का प्रेम-प्रसंग कब से चल रहा था इसका पता उन्हें 15 दिन पहले ही चला। इसके बाद मैंने बेटे को समझाया था कि तुम शादी की आशा मत करो। क्योंकि, लड़की का पिता कह रहा है कि वह तुझे काट डालेगा, इसलिए मैंने उसे कहा था कि बेटा भगा के मत ले जाना। उनकी हां है तो मैं आगे रहकर शादी करवा दूंगी, नहीं तो उसे छोड़ देना। इस पर लड़की का कहना था यदि मेरी शादी उससे नहीं हुई तो मैं जान दे दूंगी।

No comments