संत हिरदाराम इंस्टीट्यूट अॅाफ मैनेजमेंट, में नवागत छात्राओं हेतु ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन
संत हिरदाराम नगर। संवेदनशीलता, अनुशासन, सद्गुणो का अभ्यास एवं प्रबल चरित्र श्रेष्ठ व्यक्ति का निर्माण करता है। इन सभी गुणो को विकसित करने के लिए व्यक्ति को परमसत्ता पर अपना विश्वास रखना चाहिये। यह विचार सोमवार को संत हिरदाराम इंस्टीट्यूट अॅाफ मैनेजमेंट में आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम में संस्था के प्रेरक एवं मार्गदर्शक सिद्ध भाऊजी ने व्यक्त किए। यहां एम.बी.ए. पाठ्यक्रम में प्रवेशित नवागत छात्राओं के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, माँ भारती एवं परमहंस संत हिरदाराम जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन से हुआ। संस्था के डायरेक्टर डाॅ. आशीष ठाकुर ने सर्वप्रथम सिद्ध भाऊजी एवं मैनेजिंग डायरेक्टर हीरो ज्ञानचंदानी जी का स्वागत किया एवं अपने उद्बोधन में नवागत छात्राओं का भी स्वागत करते हुए महाविद्यालय के प्रगति सोपानों से परिचय कराया। सिद्ध भाऊ ने छात्राओं से अपने जीवन के प्रेरणादायक अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस शैक्षणिक परिसर में ब्रह्मलीन परमहंस संत श्री हिरदाराम साहिब जी के आशीर्वाद व उर्जा का सदैव संचार होता रहता है। सिद्ध भाऊजी ने छात्राओं को व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षा के महत्व को सम-हजयाया कि वे अपनी शिक्षा के दौरान उच्च लक्ष्य हेतु प्रयास करें। महाविद्यालय में प्रवेश के बाद अपने इस सीमित समयावधि में छात्राओं को अपने उद्देष्य के लिए ही समर्पित होना चाहिए।
उन्होनें रोचक उदाहरणों से छात्राओं को अपने प्रोफेशन में उत्कृष्ठता के साथ साथ प्रोफेषनल एवं घरेलू कार्यो में भी दक्षता प्राप्त करने को प्रोत्साहित किया एवं युवा छात्राओं को आज की परिस्थितियों में अपनी - व्यक्तित्व को पहचान कर जीवन में आने वाली चुनौतियों को सामना करना चाहिए। कार्यक्रम में संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर हीरो ज्ञानचंदानी द्वारा इस कार्यक्रम के आयोजन की अत्यंत सराहना की गई। उन्होनें कार्यक्रम के आयोजन को अत्यंत सामयिक एवं उपयोगी बताया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्राध्यापिका कोमल तनेजा द्वारा किया गया।
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