संत हिरदाराम साहिबजी का 113वां अवतरण दिवस पर संतनगर में हुए कई आयोजन - Web India Live

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संत हिरदाराम साहिबजी का 113वां अवतरण दिवस पर संतनगर में हुए कई आयोजन



संत हिरदाराम नगर। सुधार सभा द्वारा संचालित साधु वासवानी स्कूल में आज श्रद्धा व उत्साह के साथ संत स्वामी हिरदाराम साहिब जी का 113वां अवतरण दिवस मनाया गया सर्वप्रथम प्रातःकाल स्कूल परिसर से बैण्ड-बाजों से सुसज्जित भव्य रैली निकाली गई जिसमें विद्यार्थी श्वेत वस्त्र पहने सुख चाहों तो सुख दो, मानव सेवा ही माधव सेवा है, बूढे़ बच्चे और बीमार है परमेष्वर के यार और हरे राम हरे राम राम-राम हरे-हरे की धुनी लगाते हुए संतजी की कुटिया में संतजी के समक्ष फूल चढ़ाकर विभिन्न मार्गों से होते हुए स्कूल परिसर में पहंुचे। तत्पष्चात नंदवानी आॅडिटोरियम में कार्यक्रम का षुभारंभ संतजी की मूर्ति पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया।
शिक्षाविद् विष्णु गेहानी ने आए हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि संतों द्वारा जो शिक्षा का मिशन चलाया गया है वह संत नगर के लिए एक बड़ी सौगात है आज का दिन पूरे विश्व में सेवा व संकल्प दिवस के रुप में मनाया जाता है। परमहंस संतजी ने हमें सेवा व सिमरन के दो रास्ते दिखाए हैं जिस पर चलकर हम अनेक सेवा कार्य कर सकते हैं आज के दिन यह संकल्प लें कि संतजी के वचनों को अपने जीवन में अपनाएंगे एवं सदैव उनका सिमरन करते रहेंगे।
     कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में संत हिरदाराम गर्ल्स काॅलेज के संचालक हीरो ज्ञानचंदानी भाउ पधारे जिन्होंने संतजी के जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संत हिरदाराम साहिब जी महान संत थे, उन्होंने समाज को दिया ही दिया है उनके आशीर्वाद से आज कई विद्यालय खुल गए हैं वे लड़कियों की शिक्षा पर ज्यादा जोर देते थे उनका कहना था कि अगर एक लड़की शिक्षित होगी तो वह दो परिवारों को शिक्षित करेंगी उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मानव सेवा में व्यतीत किया वे कहते थे कि त्याग 
शाष्वत है जबकि भौतिकता दुःखों का कारण है इसी मंत्र को संतजी ने मूल मंत्र बनाकर मानव सेवा में अपना जीवन बिताया और सभी को यह संदेश दिया कि अपना संपूर्ण जीवन गरीबों की सेवा में बिताएं।
     कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नरेश वासवानी जी ने संत जी के 113वें जन्मदिवस की हार्दिक बधाईयां देते हुए कहा कि संत जी कर्मयोगी संत थे वे कर्म करने पर विष्वास करते थे आपने बताया कि विद्यार्थियों का कर्म पढ़ाई है और वह अपने कर्म पर ध्यान दें।
    विशेष अतिथि के रुप में पधारे महेश खटवानी, भारती खटवानी, बसंत चेलानी, सचिव वासदेव मोतियानी, जनक थद्धानी, साबूमल रीझवानी, नरेंद्र लालवानी, चंद्र नागदेव, राजेश हिंगोरानी आदि सभी ने संतजी के 113वें जन्मदिवस की हार्दिक बधाईयां देते हुए कहा कि संत जी के किए गए कार्यों का वर्णन करना कठिन है संतजी के रोम-रोम में करुणा और दया का भाव झलकता था। वे मानव सेवा को ही माधव सेवा मानते थे उन्होंने अपने सेवा कार्यों को आगे बढ़ाते हुए कई विद्यालय और काॅलेज खुलवाएं साथ ही पानी की कमी को देखते हुए जगह-जगह बोरिंग करवाकर पानी उपलब्ध करवाया।
     छात्रा आकांक्षा मालवीय एवं हर्षू आसूदानी ने बताया कि संतजी कहते थे आप जैसा व्यवहार करोगे वैसा ही फल पाओगे हम भी किसी को भी दुख नहीं पहुंचाएंगे और सदैव सेवा कार्य करते रहेंगे।
     संत जी के सेवा कार्यों को एक झलकी के माध्यम से दर्शाया गया एवं बच्चे बूढ़े और बीमार हे परमेष्वर के यार सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया गया। जिसे अतिथियों द्वारा बहुत ही सराहा गया।
     संतजी के अवतरण दिवस पर विद्यार्थियों को स्कूल यूनीफार्म प्रदान किये गये साथ ही विषाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसे सभी ने प्रसाद स्वरुप ग्रहण किया।
कार्यक्रम में उप प्राचार्या स्वाति कलवानी, पी.आर.ओ दीपा आहूजा, पदमा वाधवानी, मधु मेहरचंदानी, जयदेवी संभानी, रुपाली मेश्राम एवं बड़ी संख्या में शिक्षकों तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
इस प्रकार कार्यक्रम का संचालन बडे़ हर्षोल्लास के साथ किया गया तथा मंच संचालन ममता जनियानी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में स्वाति कलवानी द्वारा आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।

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