लोकसभा चुनाव: उप्र में 37-37 सीटों पर चुनाव लड़ सकती हैं सपा-बसपा, माया के जन्मदिन पर ऐलान संभव
लखनऊ/दिल्ली। समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) उत्तरप्रदेश में लोकसभा का चुनाव एकसाथ लड़ेंगी। इसे लेकर अखिलेश यादव और मायावती के बीच शुक्रवार को दिल्ली में बैठक हुई। माना जा रहा है कि दोनों पार्टियां 37-37 सीटों पर चुनाव लड़ सकती हैं। माया और अखिलेश कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं हैं। गठबंधन में छोटी पार्टियों को जगह दी जाएगी। सीट शेयरिंग पर अंतिम फैसला 15 जनवरी के बाद लिया जाएगा।
छह सीटें सहयोगी दलों को देने की योजना
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजीत सिंह के राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) को तीन सीटें दी जा सकती हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि दोनों दल राज्य की 80 लोकसभा सीटों में छह सीटें सहयोगी दलों को दी जाएंगी।
अखिलेश शुक्रवार शाम को करीब 6 बजे मायावती के घर पर मिलने पहुंचे थे। दोनों के बीच करीब 2 घंटे बातचीत हुई। उधर, समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने दिल्ली में कहा कि सपा और बसपा के बीच गठबंधन तो होगा। गठबंधन में कौन सी पार्टियां होंगी उन्हें कितनी सीटें मिलेंगी। यह दोनों नेता ही तय करेंगे।
2018 में भाजपा को सपा-बसपा से नुकसान
गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बसपा ने सपा उम्मीदवार को वोट देने की अपील की थी। कैराना लोकसभा उपचुनाव में रालोद उम्मीदवार को सपा-बसपा और कांग्रेस ने समर्थन दिया। तीनों जगहों पर भाजपा को हार मिली।
2019 के आसार
सपा-बसपा-रालोद के बीच गठबंधन हो सकता है। अगर विपक्षी साथ आते हैं तो 2014 की स्थिति के हिसाब से भाजपा को 53 सीटों का नुकसान हो सकता है।
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