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1200 होटल-रेस्त्रां खुले में फेंकते रहे कचरा, पर किसी ने नहीं रोका

भोपाल। राजधानी में कचरे के बल्क जनरेटर यानी बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वालों एवं नगर निगम ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। शहर में छोटे-बड़े 1200 से अधिक होटल-रेस्त्रां से शहर का 30 फीसदी से अधिक कचरा उत्पन्न हुआ, लेकिन इसे डंपिंग साइट पर भेजने या परिसर में निष्पादित करने के इंतजाम किसी के पास नहीं किए हैं। नतीजा ये हुआ कि निगम के स्थानीय स्वास्थ्य कर्मचारियों से साठगांठ कर कचरे को खुले में या फिर आमजन के कचरे को एकत्रित करने वाली गाड़ी में डालते रहे।

स्वच्छता रैंकिंग में दो नंबर से खिसककर 19वें नंबर पर आने के बाद जब पड़ताल की तो ये तथ्य उभरा। जब सर्वे टीम आई तो उन्हें होटल रेस्त्रां जैसे बल्क जनरेटर द्वारा खुद का कचरा परिसर में ही निष्पादन की स्थिति नहीं दिखी। नतीजा ये रहा कि सर्वे में नंबर कटे और रैंकिंग फिसल गई। गौरतलब है कि शहर के कुल 900 मीट्रिक टन कचरा जनरेशन में होटल-रेस्त्रां 270 मीट्रिक टन रोजाना उत्पन्न करते हैं।

ये करना था
होटल रेस्त्रां को अपने परिसर में गीले कचरे को निष्पादित करने कंपोस्ट यूनिट स्थापित करना थी। सूखे कचरे की भी खाद बनाना थी। इसके लिए निगम ने इनसे करीब 3 बैठकें की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।


यहां सबसे खराब स्थिति
22 होटल-रेस्त्रां होशंगाबाद रोड पर हैं। ये वेस्ट को बीआरटीएस किनारे नालियों में बहाते हैं।
125 से अधिक होटल-रेस्त्रां एमपी नगर व आसपास के क्षेत्र में। 70 फीसदी वेस्ट को निगम की गाडिय़ों में डालते हैं।
120 से अधिक होटल-रेस्त्रां हमीदिया रोड व आसपास के क्षेत्र में है। इनके पास वेस्ट डिस्पोजल का खुद का कोई इंतजाम नहीं है।
90 से अधिक होटल-रेस्त्रां कोलार रोड पर है। यहां का कचरा भी खुले में या फिर निगम के वाहनों से डिस्पोज किया जाता है।

स्वच्छता रोज का काम है
वेस्ट सेग्रिकेशन और इसके डिस्पोजल पर हम विशेष ध्यान देने की योजना बना रहे हैं। स्वच्छता रोज का काम है और इस पर हम काम कर रहे हैं। -बी. विजय दत्ता, निगमायुक्त



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