चुनाव2019: भाजपा ने जिसे कमजोर माना, कांग्रेस ने उसे दे दिया टिकट, अब जनता करेगी फैसला... - Web India Live

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चुनाव2019: भाजपा ने जिसे कमजोर माना, कांग्रेस ने उसे दे दिया टिकट, अब जनता करेगी फैसला...


भोपाल. प्रदेश की सियासत का मिजाज चंद महीनों में बदल गया है। सियासत सिर्फ जीत देखना चाहती है। पैराशूटी उम्मीदवारों से तौबा का दावा करने वाले राजनीतिक दलों ने यू-टर्न ले लिया है। भाजपा ने शहडोल से मौजूदा सांसद ज्ञान सिंह का टिकट काटकर उस हिमाद्री सिंह को प्रत्याशी बनाया है जिनको पार्टी में आए जुम्मा-जुम्मा आठ रोज भी नहीं हुए।
ढाई साल पहले उपचुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार रहीं हिमाद्री को ज्ञान ने 50000 से ज्यादा मतों से हराया था। इस मामले में कांग्रेस भी पीछे नहीं है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा से आईं प्रमिला सिंह को शहडोल प्रत्याशी बनाया है।
loksabha chunav
ऐसे बदला पाला
कांग्रेस भी हिमाद्री को टिकट देना चाहती थी, लेकिन उसकी शर्त थी की पति नरेंद्र मरावी को पार्टी में शामिल कराना होगा। हिमाद्री को ये शर्त नामंजूर थी। उन्होंने पति को कांग्रेस में लाने की जगह खुद भी भाजपा की राह चलना बेहतर समझा। बेरहम सियासत की तलवार ने हिमाद्री के लिए ज्ञान सिंह को कुर्बान कर दिया। कांग्रेस की कमजोर कैंडिडेट भाजपा के लिए जिताऊ बन गई।
कांग्रेस ने बढ़ाया प्रमिला की ओर हाथ
प्रमिला सिंह 2013 में जयसिंह नगर से भाजपा की टिकट पर विधायक चुनी गईं। 2018 में भाजपा ने प्रमिला का टिकट काटकर जयसिंह मरावी को दे दिया। कांग्रेस ने हाथ बढ़ाया तो प्रमिला ने उसे थामने में देर नहीं लगाई। सियायत का ये दूसरा रंग है, जिसे भाजपा ने विधानसभा चुनाव जीतने लायक नहीं समझा वो कांग्रेस के सर्वे में जिताऊ उम्मीदवार बनकर सामने आईं।
Pramila Singh
राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि सियासी लोगों के पास आखिर ऐसा कौन सा चश्मा है, जिसमें दूसरे दल का हारा हुआ उम्मीदवार अपने लिए जिताऊ नजर आता है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पैराशूट उम्मीदवारों से परहेज बरतने की बात कही थी, लेकिन उस पर अमल विधानसभा चुनाव में भी नहीं हुआ और लोकसभा चुनाव में भी नहीं हो रहा। पहली सूची में एक पैराशूटी हैं। आगे इस तरह के कुछ और उम्मीदवार नजर आ सकते हैं।
दिलचस्प था शहडोल उपचुनाव
शहडोल में ढाई साल पहले हुआ उपचुनाव तत्कालीन सत्ताधारी भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया। भाजपा ने मंत्री ज्ञान सिंह को चुनाव लड़ाया था। वे सांसद नहीं बनना चाहते थे, लिहाजा अपनी उम्मीदवारी से रूठकर घर बैठ गए। अब वे सांसद बनना चाहते हैं तो उनका टिकट काट दिया गया। उपचुनाव में कांग्रेस ने दलवीर सिंह की बेटी हिमाद्री को टिकट दिया था।
हिमाद्री के पिता-माता यहां से सांसद रह चुके हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत उनके मंत्रिमंडल ने शहडोल में डेरा डाल लिया था, तब ज्ञान सिंह 50000 से अधिक वोटों से जीते थे। इसके पहले ये अंतर 2.5 लाख से ज्यादा था। उपचुनाव में प्रचार के दौरान ज्ञान ने हिमाद्री को लेकर कहा था कि दिल को देखो, चेहरा न देखो, दिल सच्चा और चेहरा झूठा। इस पर हिमाद्री ने कहा था कि ज्ञान सिंह को अपनी उम्र देखनी चाहिए।
Himadri Singh
इनका कहना है...
अब पार्टी ने जो कर दिया सो ठीक है। उसमें क्या किया जा सकता है। सब माताजी की लीला है।
ज्ञान सिंह, सांसद, शहडोल
जीत निश्चित, अधूरे काम दोबारा पूरे करने का मौका मिलेगा। कार्यकर्ता से लेकर पदाधिकारी और जनता का सहयोग हमेशा मिला है। इस चुनाव में भी जनता पुराने बेहतर कार्य और विकास को लेकर आकलन करेगी।
प्रमिला सिंह, कांग्रेस प्रत्याशी, शहडोल


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