एक रुपए का पानी पाउच छुड़ा रहा पसीने, 40 पैसे करने की मांग, वर्ना लाखों रुपया तो पानी में ही जाएगा
भोपाल। लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार शुरू होने से पहले ही प्रदेश में गर्मी जोर पकड़ गई है। इस स्थिति में पानी की खपत बढ़ जाएगी। एक नुक्कड़ सभा में ही 100-100 पाउच के दस बोरे बड़े आराम से खप जाएंगे। पानी की बोतलें, बड़े जार के खर्चे अलग हैं। ऐसे में राजनैतिक दलों को डर है कि आयोग की तरफ से बनाई गईं आय व्यय की टीम पानी के तय रेट के अनुसार एक रुपया पाउच मानते हुए उसे खर्चे में जोड़ लेंगी।
सिर्फ पानी का खर्चा ही लाखों में बैठ जाएगा। इससे बचने के लिए कांग्रेस सोमवार को जिला निर्वाचन अधिकारी व कलेक्टर को पानी का पाउच 40 पैसे, एक लीेटर पानी की कॉस्ट 10 रुपए, बड़े जार की 20 से 25 रुपए, कुर्सी, टेंट, लाउडस्पीकर के रेट और कम करने के लिए प्रस्ताव देने जा रही है। अन्य दल भी खर्चे बचाने के लिए इसी राह पर हैं।
दरअसल होली के अगले दिन हुई स्टेंडिंग कमेटी की बैठक में कांग्रेस जिलाध्यक्ष कैलाश मिश्रा ने पानी के पाउच के रेट सहित अन्य सामग्रियों सहित बड़ी फूल माला के रेट कम करने के लिए कहा था। कलेक्टर ने इस पर अलग-अलग पार्टियों से प्रस्ताव मांगा था।
इसके बाद जल्द ही एक बैठक बुलाकर रेट पर फाइनल मुहर लगनी है। अप्रेल-मई में भीषण गर्मी को देखते हुए पार्टियों के लिए पानी और बिजली के अस्थाई कनेक्शन सिरदर्द बनेंगे। क्योंकि सभा मंच पर बड़े नेताओं के लिए एसी की व्यवस्था भी रहेगी। ऐसे में एक-एक अस्थाई कनेक्शन का खर्चा लोड के अनुसार ढाई से दस हजार तक पहुंचेगा, बिल अलग बनेगा।
चुनाव में प्रतिदिन एक लाख पाउच का एव्रेज
गर्मी को देखते हुए जिले में सभी पार्टियों को मिलाकर सिर्फ पानी पाउच की खपत का अनुमान एक लाख पाउच प्रतिदिन मानकर चल रहे हैं। इसमें संख्या घट बढ़ भी सकती है। अगर पाउच एक रुपए से कम नहीं हुआ तो इसका खर्चा भी प्रत्याशी के खर्चे में जोड़ा जाएगा। ऐसे में पानी ही पसीना छुड़ा देगा।
पानी की खपत ज्यादा होगी, इस कारण हमने पानी के पाउच को 40 पैसे करने के लिए कहा है। सोमवार को इसके लिए प्रस्ताव भी देंगे। इसके अलावा टेंट, कुर्सी, फूलमाला की दरें भी कम कराएंगे।
कैलाश मिश्रा, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
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