ललक देख फेरी लगाने वाले बच्चे को पढ़ाकर बनाया काबिल
भोपाल. बीयू में कॉमर्स व मैनेजमेंट के प्रोफेसर डॉ. पवन मिश्रा वर्ष 1992 से अध्यापन कार्य कर रहे हैं। विगत 18 वर्षों से वे समाजसेवा के कार्यों में लिप्त हैं। उन्होंने सामाजिक समरसता के क्षेत्र में सबसे अहम योगदान दिया है। डॉ. पवन बताते हैं कि सिटी क्षेत्र में एक मुस्लिम बालक बर्तनों की फेरी लगाता था और वह जो कुछ कमाता था, उसका चाचा उससे छीन लेता था। उस बच्चे में पढऩे की अदम्य लालसा थी, लेकिन आर्थिक तंगी आड़े आ रही थी। उनका जब परिचय हुआ तो उस लड़के ने मन की बात उन्हें बता दी। इसके बाद डॉ. मिश्रा ने उस बच्चे को बीकॉम तक पढ़ाई के लिए फीस ही नहीं, बुक्स, स्टेशनरी समेत हर मदद की। जरूरत पडऩे पर उसे पढ़ाया भी। बीकॉम का परिणाम आया तो गुरु-शिष्य दोनों की आंखें आत्मीयता से नम थीं।
कई किताबें प्रकाशित, सम्मान भी मिलेडॉ. मिश्रा की विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर 10 किताबें, 5 इंटरनेशनल व 8 नेशनल शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं। 6 किताबों का संपादन, 8 अंतर्राष्ट्रीय व 27 राष्ट्रीय सेमिनार/कान्फ्रेंस में हिस्सा लेने वाले डॉ. मिश्रा ने कई ट्रेनिंग व प्रशिक्षण प्रोग्राम भी आयोजित किए। उन्होंने राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत कई अक्षमता एवं विकृति बचाव प्रशिक्षण शिविरों, एड्स जागरुकता कार्यशाला, वृहद पौधरोपण, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर समाजसेवी महिलाओं का सम्मान, रक्तदान शिविरों, उड़ीसा बाढ़ पीडि़तों के लिए धन संग्रह कर आर्थिक मदद पहुंचाने समेत कई कार्यों को सफलतापूर्वक पूरे किया है। डॉ. मिश्रा को सामाजिक व कल्याणकारी कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का प्रशस्ति पत्र, शांति व सक्रिय सहयोग के लिए पुलिस सम्मान, लायंस क्लब, राष्ट्रीय विज्ञान मंच, जागृति समाज कल्याण समिति, नवलय एकता परिषद, नेहरू युवा कल्याण, सीआरपीएफ समेत कई अन्य संस्थाओं से सम्मान प्राप्त हो चुका है।
पत्नी भी दे रहीं साथ
वे अकेले ही नहीं, उनकी शिक्षक पत्नी शालिनी मिश्रा भी जनहित के कार्यों में हर कदम पर उनका संबल बनकर साथ दे रही हैं। पति-पत्नी आज भी तमाम जरूरतमंद बच्चों को पढ़ा रहे हैं। 40 से अधिक सेवा बस्तियों के बच्चों को वे निरंतर शिक्षा व संस्कार दे रहे हैं। दूरदर्शन के कई कार्यक्रमों में युवाओं को कॅरियर मार्गदर्शन दिया। 05 बार मतदाता जागरुकता रैलियां निकालकर लोगों को लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराया। विगत 17 वर्षों से शाहपुरा थाने की नागरिक सुरक्षा समिति में हर वर्ग, जाति व धर्म के लोगों को जोड़कर शांति व सद्भाव बनाया। सामाजिक समरसता के लिए विगत वर्षों में 15 से अधिक शिविर आयोजित करवा चुके हैं।
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