भाजपा में बगावत के बीच गौर को प्रियंका में नजर आईं इंदिरा, तो शिवराज बोले- राहुल गांधी झूठे
भोपाल। देश में होने वाले लोकसभा चुनावों से ठीक पहले भाजपा में बगावत के सुर बुलंद होते दिख रहे हैं। जिसके चलते पार्टी में हडकंप मचा हुआ है।
इसी बगावत के चलते जहां एक ओर कुछ नेता किसी भी स्थिति में चुनाव में उतरने की बात दोहरा रहे हैं। वहीं कुछ पार्टी के निर्णयों को लेकर काफी नाराज दिख रहे हैं। यहीं नहीं कुछ पुराने भाजपा नेता को तो अब प्रियंका में इंदिरा तक नजर आने लगी है।
जानकारों की मानें तो मध्यप्रदेश में चुनाव से ठीक पहले एक बार फिर वहीं हालात बनने शुरू हो गए हैं, जो विधानसभा के दौरान पैदा हुए थे। कई लोग इन्हीं वजहों को मध्यप्रदेश में भाजपा की हार का कारण तक मानते हैं।
ये है मामला...
दरअसल मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनावों को लेकर भाजपा में टिकट बंटवारे के साथ ही बगावत शुरू हो गई है। ऐसे में जहां कुछ जगह बगावत सामने आनी शुरु हो गई है, तो वहीं कुछ जगहों पर भितरघात का भी डर बना हुआ है।
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मध्यप्रदेश की सूची में 5 मौजूदा सांसदों के नाम कटते ही जहां कुछ बगावत के रूप में सामने आ गए हैं। वहीं चर्चा है कि कुछ अभी चुपचाप रह कर ठीक चुनाव के समय भितरघात भी कर सकते हैं।
जानकारों के अनुसार ऐसा नहीं है कि केवल मध्यप्रदेश को लेकर ही भाजपा में मन मुटाव हो बल्कि यूपी में मुरली मनोहर जोशी से लेकर गुजरात में लालकृष्ण आडवाणी का तक टिकट काटे जाने से पार्टी में कई उनके समर्थक नाराज बताए जाते हैं।
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वहीं समर्थक की नाराजगी से इतर कई नेता भी इसे लेकर अपना दर्द प्रदर्शित कर चुके है। जिनमें कुछ अपनी सीट में बदलाव को लेकर भी नाराज बताए जाते हैं।
मप्र में यहां से शुरू हुई बगावत...
दरअसल भाजपा के टिकट बंटवारे में शहडोल से टिकट कटने से नाराज मौजूदा सांसद ज्ञानसिंह ने निर्दलीय चुनाव लडऩे का ऐलान कर दिया है।
उन्होंने कहा कि हिमाद्री सिंह को टिकट देने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है। सांसद सिंह की इस बगावत से पार्टी में हड़कंप मच गया है। प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत ने उनसे फोन पर चर्चा की है।
ये लगाए आरोप...
सांसद ज्ञानसिंह का आरोप है कि मन की बात कहने वाले नेता मन की बात सुनने को तैयार नहीं है। जब मैंने चुनाव लडऩे के लिए मना किया तो मुझे जबरदस्ती लड़ाया गया था। आज मैंने अंतिम बार चुनाव लडऩे की इच्छा जाहिर की तो मेरा टिकट काट दिया गया।
उन्होंने कहा, मुझे तो ऐसा लग रहा है कि पार्टी आदिवासी नेताओं को यूज एण्ड थ्रो का काम करती है। देश एवं प्रदेश में भाजपा केवल चापलूस और पैसे वालों को महत्व देती है, ईमानदारी कोई मायने नहीं रखती।
उधर, ज्ञान सिंह को मनाने के लिए भाजपा प्रत्याशी हिमाद्री सिंह उनके गांव छादा खुर्द पहुंचीं, लेकिन यहां से उन्हें मायूस लौटना पड़ा। हिमाद्री ने कहा कि ज्ञान सिंह उनके पिता तुल्य हैं। उनसे मुलाकात करने के लिए वे फिर आएंगी।
इधर, दो पूर्व मुख्यमंत्रियों की अलग-अलग राय...
वहीं मध्यप्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों की नेहरू-गांधी परिवार को लेकर अलग-अलग राय सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने कहा, प्रियंका गांधी जहां भी प्रचार करने जाएंगी, वहां कांग्रेस को लाभ होगा।
मैं प्रियंका का प्रशंसक तो नहीं हूं, लेकिन जो बात अच्छी लगती है, वह कह देता हूं। प्रियंका का तरीका इंदिरा से मिलता-जुलता है। वहीं, शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से कहा, राहुल गांधी दुनिया के सबसे ज्यादा झूठ बोलने वाले इंसान हैं। ये वही राहुल गांधी हैं, जिन्होंने कहा था कि 10 दिन में प्रदेश के किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ तो सीएम बदल दिया जाएगा। इस हिसाब से दस पंद्रह सीएम बदल दिए जाने चाहिए।
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