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नियम ताक पर रख अब इंटरसिटी-वॉल्वो को डेडिकेटेड लेन में चलाने की तैयारी


भोपाल. भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) ने बीआरटीएस के डेडिकेटेड लेन में स्कूल बसों के बाद वॉल्वो-इंटरसिटी बसों को दौड़ाने का निर्णय लिया है। आइएसबीटी स्थित कार्यालय में सोमवार को इस संबंध में बस ऑपरेटर्स के साथ बैठक हुई और रूपरेखा तय की गई। बीसीएलएल का दावा है कि ऑपरेटर्स को सुबह छह से रात दस बजे के दरमियान डेडिकेटेड लेन में बस चलाने की सशर्त मंजूरी दी जाएगी।
हैरत है कि बैठक में इन बसों के संचालन को लेकर बने नियमों पर कोई चर्चा नहीं हुई। केवल इतना तय किया कि जिन बसों को डेडिकेटेड लेन में चलने की मंजूरी मिलेगी वे अन्य लेन में नहीं चल सकेंगी। ये बसें नॉन स्टॉप रहेगी, यानी डेडिकेटेड लेन के बीच में कहीं स्टॉप नहीं लेंगी। बताया जा रहा है कि मार्च अंत तक 70 बसें डेडिकेटेड लेन में दौडऩा शुरू कर देंगी। भविष्य में करीब 200 बसें इसी लेन में चलाई जाएंगी।

स्कूल बसों पर चुप्पी
पहले डेडिकेटेड लेन में स्कूली बसें ही चलाने की रणनीति थी, लेकिन इस बार बैठक में चर्चा नहीं की गई। मिक्सलेन में स्कूल बसें अधिक जगह घेरती हैं। दुर्घटना की आशंका रहती है। इन्हें कॉरिडोर में चलाने पर बच्चों के उतरने-चढऩे के लिए स्टॉप लेने होंगे। उनकी सुरक्षा पर अधिक ध्यान देना होगा, इसलिए अब जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं।
...ये 'गलियाराÓ तो नहीं
्रदुर्घटनाओं के बाद प्रशासन ने वॉल्वो बसों को शहर के बाहरी रास्तों पर चलाने का निर्णय लिया था। अब आइएसबीटी से वॉल्वो एमपी नगर या लिंक रोड से बाहर नहीं जा सकतीं। इन्हें आउटर रोड से निकाला जाता है। ये अतिरिक्त समय लेने वाली स्थिति है। निजी ऑपरेटर्स के अलावा बीसीएलएल की वॉल्वो व इंटरसिटी बसें इससे प्रभावित हैं।
मिनी बस भी कतार में
बीआरटीएस डेडिकेटेड लेन में अभी मिनी बसों की एंट्री प्रतिबंधित है। इनके ऑपरेटर्स भी अपनी बसें लेन में दौड़ाना तो चाहते हैं, पर नियमों का पालन नहीं करना चाहते। यदि बीसीएलएल मिनी बसों को चलाने की अनुमति देता है तो इसके कई खतरे हैं। लो-फ्लोर बसों का शेड्यूल गड़बड़ाएगा तो हादसों की आशंका भी बढ़ेगी।

दुर्घटना रोकने के लिए फिर से ट्रेनिंग का शिगूफा
डेडिकेटेड लेन में अन्य बसों को चलाने से दुर्घटना की आशंका के चलते बीसीएलएल इनके ड्राइवर्स-कंडक्टर्स को ट्रेनिंग देगा। इसके बाद ही बस चलाने की अनुमति मिलेगी। हालांकि बीसीएलएल की खुद की लो-फ्लोर बसों के प्रशिक्षित ड्राइवर्स के हाथों आए दिन डेडिकेटेड लेन व इससे बाहर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। हाल ही में लो-फ्लोर बसों के चालकों ने रेस लगाने के दरमियान कई दुर्घटनाएं की हैं।

इंटरसिटी व वॉल्वो बसों को बीआरटीएस डेडिकेटेड लेन में चलाया जाएगा, ताकि मिक्सलेन में अन्य वाहनों को राहत मिले। डेडिकेटेड लेन में सुबह छह बजे से रात दस बजे तक इन्हें संचालित कराया जाएगा। ऑपरेटर्स से पहले कंसर्न ली जाएगी। पुराने नियमों की जानकारी नहीं है।
संजयकुमार, सीइओ, बीसीएलएल


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