पति व देवर का नाम एफआइआर से हटवाने पथरिया विधायक रामबाई ने लगाई आयोग में गुहार
भोपाल. दमोह में कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में पथरिया से बसपा विधायक रामबाई परिहार के पति गोविंद सिंह और देवर चंदू सिंह का नाम आने के बाद शनिवार को रामबाई न्याय मांगने मानव अधिकार आयोग पहुंची। आयोग में लिखित शिकायत में उन्होंने न्याय की मांग करते हुए गुहार लगाई है कि पति गोविंद सिंह व देवर चंदू को राजनीतिक षडयंत्र के तहत देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में फंसाया जा रहा है। इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए उन्होंने लिखा कि पति व देवर का नाम एफआइआर से हटाया जाए। राम बाई ने पत्रिका को बताया कि यदि मेरी सुनवाई कहीं नहीं होगी तो वह सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगी।
शनिवार को जब रामबाई आयोग पहुंची, तो वह असहज नजर आई। उनके साथ गनमैन था। जिस वक्त वह आयोग पहुंची थी, तब वहां किसी से मुलाकात नहीं हो पाई तो उन्होंने आवक काउंटर पर ही आवेदन दे दिया। इसके बाद वह पीएचक्यू पहुंची। यहां भी उन्होंने पति व देवर के निर्दोष होने व एफआइआर से नाम हटाने संबंधी आवेदन दिया।
किसी से नहीं हो पाई मुलाकात
आयोग अध्यक्ष जस्टिस नरेंद्र कुमार जैन सिक्किम दौरे पर होने के कारण मुलाकात नहीं हुई। सचिव निशांत वरवडे भी निकल चुके थे। सदस्य मनोहर ममतानी और सरबजीत सिंह से भी रामबाई की मुलाकात नहीं हुई। उन्होंने यह जानने की भी कोशिश की कि कोई आयोग में आने वाला हो तो मिल कर ही जाएं, लेकिन कुछ देर रुकने के बाद वह यहां से रवाना हो गई।
राज्यपाल को दिया ज्ञापन, की न्याय की मांग
रामबाइ ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को भी पांच पेज का एक ज्ञापन सौंपा है। उसमें बताया है कि घटना के वक्त उनके पति व देवर घटना स्थल पर नहीं थे। पति के योग करने का जिक्र भी ज्ञापन में किया गया है। बताया कि पति योग करने के दौरान फोन बंद रखते हैं। बाद में फोन आना शुरु हुए। उन्होंने ज्ञापन में चंदू और गोविंद सिंह के फोन से घटना दिनांक और समय पर कई लोगों से बातचीत होने का जिक्र किया है। यह बताया गया कि घटना के वक्त पति व देवर वहां मौजूद ही नहीं थे। इसकी पुष्टि दोनों के फोन की कॉल डिटेल से निकाली जा सकती है। ज्ञापन की प्रतियां सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों को भी भेजी गई है। यह भी उल्लेख किया गया है कि देवर चंदूू की पत्नी नेहा सिंह बसपा से लोकसभा उम्मीदवार की दावेदारी कर रही हैं, इसलिए हमारे परिवार को राजनीतिक द्वेषवश इस प्रकरण में फंसाया जा रहा है।
मैंने मानव अधिकार आयोग में शिकायत की है। पीएचक्यू में भी शिकायत की है। मेरे पति व देवर को झूठे प्रकरण में फंसाया जा रहा है। मेरी यहां सुनवाई नहीं होगी तो मैं हाइ कोर्ट जाऊंगी। यहां भी सुनवाई नहीं होती हैं तो मैं सुप्रीम कोर्ट जाऊंगी।
रामबाई, बसपा विधायक, पथरिया-दमोह व आवेदक
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2umk4lU
via
No comments