शहीद दिवस पर भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की मूर्तियों को लेकर भाजपा-कांग्रेस मे खींचतान - Web India Live

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शहीद दिवस पर भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की मूर्तियों को लेकर भाजपा-कांग्रेस मे खींचतान


भोपाल. शहीद दिवस पर सावरकर सेतू के पास भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की मूर्तियों पर माल्यार्पण करने और शहीदों को याद करने की भाजपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी में होड़ लगी रही। जहां भाजपा ने यहां कार्यक्रम आयोजित कर रक्त दान शिविर तक लगाया, वहीं कांग्रेस के सुरेश पचौरी, पीसी शर्मा, कैलाश मिश्रा सहित कई कांग्रेसी माल्यार्पण करने पहुंचे। भाजपा को यहां कार्यक्रम करने के लिए ११ बजे से अनुमति थी। इसके पहले ही कांग्रेसजन यहां पहुंचकर माल्यापर्ण कर आए।
बाद में भाजपा ने सांसद आलोक संजर, विधायक कृष्णा गौर, रामेश्वर शर्मा, सुरेंद्र नाथ सिंह, विकास विरानी सहित करीब २०० लोगों ने कार्यक्रम आयोजित कर माल्यार्पण किया। इस दौरान एक बालिका को वंदे मातरम के स्वरुप में तैयार कर पूजा की गई। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सैनिकों वाली कैप में दिखाया गया। इस पर कांग्रेस ने आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा और कांग्रेस के बीच तीनों क्रांतिकारियों को लेकर दिनभर गहमा-गहमी रही। दोनों ही दलों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। इसी बीच यहां आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी माल्र्यापण करने पहुंचे।

कांग्रेस का आरोप
तीनों शहीद क्रांतिकारियों की मूर्तियां कांग्रेस ने लगवाई। भाजवा वाले क्रेडिट ले रहे। जब सावरकर सेतू बनवाया जा रहा था, तब भाजपा ने मूर्तियों को कचरे में फेंक दिया था। हमने शहीदों को दिलों में जिंदा रखा। भाजपा वालों का इतिहास भी एेसा नहीं हैं।
भाजपा का आरोप
शहीद दिवस पर कांग्रेस ही शह के चलते अफसर अनुमतियां देने के लिए शपथ पत्र मांग रहे। यह देश भावना का कार्यक्रम है। लेकिन राजनीतिक नजर से इसे देखा जा रहा है। शहीदों को याद करने की भाजपा की एक परंपरा रही है।

यहां मैंने मूर्ति स्थापित करवाई है। कांग्रेस ने ही भगतसिंह, राजगुरु व सुखदेव को याद रखा। हमेशा ही याद रखा जाता है। जब सावरकर पुल बनाया जा रहा था, उस समय भाजपा वालों ने तीनों क्रांतिकारियों की मूर्तियों को उखाडक़र कचरे में फेंक दिया था। मैंने फिर इन्हें यहां स्थापित करवाया। भाजपा वालों का तो इतिहास में भी तीनों क्रांतिकारियों का नाम नहीं है। वह पहली बार यहां आयोजन करने पहुंचे है। कांग्रेस के इतिहास में हर क्रांतिकारी जिंदा है, भाजपा वालों का तो इतिहास की अंग्रेजों की गुलामी वाला रहा है।
पीसी शर्मा, जनसंपर्क मंत्री
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शहीदों को स्मरण करने की हमारी परंपरा है। एेसे आयोजन हर साल करते हैं। देश की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए हमें लगा कि इस तरह के आयोजन किया जाना चाहिए। हम युवाओं को जागरुक करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने अपने आप को चौकीदार कहा है। सेना सुरक्षा करती है, मोदी भी सैनिक है। सैनिक की वेशभूषा या उसके जैसा स्वरुप की कैप पहनने पर भी कांग्रेस को एतराज होगा यह सोचा नहीं था।
विकास विरानी, भाजपा जिला अध्यक्ष



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