सरकार ने कम्प्यूटर बाबा को दिया ये पद, आदेश जारी
भोपाल। लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। और कोई भी पार्टी इस चुनाव में किसी तरह की भूल नहीें करना चाहती। सभी पार्टियां वोटरों को आकर्षित करने के लिए सभी तरह के हथकंडे अपना रहीं हैं। मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार ने आज एक आदेश जारी करते हुए कम्प्यूटर बाबा को मां शिप्रा, मां नर्मदा, मां मंदाकिनी नदी न्यास का अध्यक्ष नियुक्त किया है। गौरतलब है कि शिवराज सरकार में राज्यमंत्री रहे कम्प्यूटर बाबा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।राज्यमंत्री रहे कम्प्यूटर बाबा सीएम शिवराज को पाखंडी तक कह दिया था। इसके अलावा कंप्यूटर बाबा ने बीजेपी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए हवन भी किया था।
ये था मामला...
राज्यमंत्री का दर्जा मिलने से पहले कंप्यूटर बाबा ने नर्मदा नदी के दोनों तट पर पेड़ पौधे लगाने के कथित घोटाले का खुलासा करने एवं अवैध रेत उत्खनन पर प्रतिबंध लगाने के लिए अप्रैल 2018 में 'नर्मदा घोटाला रथ यात्रा' निकालने का आह्वान किया था।
राज्यमंत्री का दर्जा मिलने से पहले कंप्यूटर बाबा ने नर्मदा नदी के दोनों तट पर पेड़ पौधे लगाने के कथित घोटाले का खुलासा करने एवं अवैध रेत उत्खनन पर प्रतिबंध लगाने के लिए अप्रैल 2018 में 'नर्मदा घोटाला रथ यात्रा' निकालने का आह्वान किया था।
इसके बाद राज्य सरकार ने अप्रैल में पांच बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था, जिनमें वह भी शामिल थे। राज्यमंत्री का दर्जा मिलने के बाद उन्होंने यह कह कर रथ यात्रा रद्द कर दी थी कि राज्य सरकार ने नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए साधु संतों की कमेटी गठित करने की उनकी मांग पूरी कर दी है।
ये लगाए थे आरोप...
राज्यमंत्री रहे कम्प्यूटर बाबा का आरोप लगाए थे कि चुनाव के चलते सीएम ने अवैध उत्खनन पर कार्रवाई नहीं करने दी। कंप्यूटर बाबा का कहना था कि सरकार के साथ रहकर धर्म विरोधी लांछन लग गए थे, अत: पवित्र होने के लिए वे नर्मदा स्नान करेंगे।
राज्यमंत्री रहे कम्प्यूटर बाबा का आरोप लगाए थे कि चुनाव के चलते सीएम ने अवैध उत्खनन पर कार्रवाई नहीं करने दी। कंप्यूटर बाबा का कहना था कि सरकार के साथ रहकर धर्म विरोधी लांछन लग गए थे, अत: पवित्र होने के लिए वे नर्मदा स्नान करेंगे।
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