lok sabha election 2019: कांग्रेस ने बदली अपनी रणनीति, इस फॉर्मूले से मिलेगी जीत!
भोपाल. लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में सत्ता और संगठन प्रत्याशियों के हिसाब से गेम प्लान तैयार करेंगे। एक ओर हर सीट के लिए कैंपेनिंग की अलग रणनीति होगी तो दूसरी ओर राज्यस्तर पर एक कॉमन कैंपेनिंग भी चलेगी। यह कॉमन कैंपेनिंग मुख्यत: युवा, किसान और आदिवासी पर फोकस रहेगी। कमलनाथ सरकार के इन तीनों वर्गों के लिए किए गए कामों का रिपोर्ट कार्ड बताकर ब्रांडिंग होगी, लेकिन इसके लिए इलाकों को फोकस करके काम होगा।
पार्टी सूत्रों के अनुसार सीट और प्रत्याशी आधारित कैंपेनिंग में चेहरे व क्षेत्र के हिसाब से रणनीति तैयार की जाएगी। मसलन, भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के उतरने से पूरी कैंपेनिंग अलग तरीके से होगी। इसके लिए संगठन का साथ भी मिलेगा।
लोकसभा आधार पर तैनात होंगे प्रभारी
चुनावी कामों के लिए संगठन सभी 29 लोकसभा सीटों पर अलग से प्रभारी तैनात करेगा। ये प्रभारी बूथ प्रबंधन से लेकर संगठन से संबंधित सभी कामकाज करेंगे। ये प्रभारी प्रत्याशी की टीम से अतिरिक्त होंगे। इन प्रभारियों के जिम्मे क्षेत्र में टिकट न मिलने वाले दावेदारों से संबंधित फीडबैक देना भी रहेगा।
संगठन चुनाव कैंपेनिंग के लिए रणनीति बना रहा है। इसमें पूरे प्रदेश में कांग्रेस सरकार के कामों को जनता को बताएंगे, साथ ही इलाकों के आधार पर भी कुछ कैंपेन रहेंगे। अभी इसकी प्लानिंग
हो रही है।
चंद्रप्रभाष शेखर, संगठन प्रभारी, प्रदेश कांग्रेस
हो रही है।
चंद्रप्रभाष शेखर, संगठन प्रभारी, प्रदेश कांग्रेस
तीन अंचलों पर विशेष फोकस
कांग्रेस संगठन मालवा-निमाड़, महाकौशल और बुंदेलखंड अंचल पर विशेष फोकस करेगा। मालवा-निमाड़ में सबसे ज्यादा सीटें होने के कारण इस अंचल पर फोकस किया जाएगा। महाकौशल मुख्यमंत्री कमलनाथ का क्षेत्र होने के कारण पूरे अंचल पर विशेष नजर रखी जाएगी। इधर, ग्वालियर-चंबल के लिए सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भरोसा किया जाएगा, जबकि बुंदेलखंड के लिए भी अलग से प्लानिंग की जा रही है। फिलहाल संगठन को सभी नामों के घोषित होने का इंतजार है।
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