3 साल में तीन बार खोदी जा चुकी है सडक़ें, एजेंसियों में तालमेल नहीं, जनता परेशान - Web India Live

Breaking News

3 साल में तीन बार खोदी जा चुकी है सडक़ें, एजेंसियों में तालमेल नहीं, जनता परेशान

शहरी विकास प्रोजेक्ट व नागरिक सुविधाओं के काम करने वाली एजेंसियों में तालमेल नहीं होने से करोड़ों रुपए की सडक़ों की बर्बादी के साथ आमजन को उबड़-खाबड़ सडक़ पर हाथ पैर तुड़वाने की स्थिति बन रही है।

पहले मोबाइल केबल, फिर जलापूर्ति और अब सीवेज प्रोजेक्ट के लिए सडक़ों की खुदाई। कोलार के राजहर्ष कॉलोनी से लेकर अंकित परिसर, राजवैद्य कॉलोनी, कटियार मार्केट में इस स्थिति को देखा जा सकता है।

जलापूर्ति प्रोजेक्ट के लिए 200 किमी लंबी सडक़ों को खुदाई और इनके फिर से निर्माण पर 100 करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने के एक साल के भीतर ही सीवेज लाइन के लिए सडक़ों की खुदाई फिर शुरू हुई। इस बार सडक़ों को बीच से खोदा जा रहा है।

चिंता की बात ये हैं कि खुदाई के तीन से चार दिन बाद तक रेस्टोरेशन नहीं किया जा रहा। जिस गली में खुदाई हो रही है, वहां के लोगों को घर का गेट खोलना मुश्किल हो गया है। लोगों को वाहन मोहल्ले से बाहर रखने पड़ रहे हैं।

खुदाई के बाद लाइन डालकर मिट्टी-मलबे से ही फिलिंग की जा रही है। आशंका है कि यदि बारिश हो गई तो पूरे मोहल्ले में कीचड़ होगा। रहवासियों की परेशानी कई गुना बढ़ जाएगी। अभी 35 किमी खुदाई, 165 किमी की खुदाई बाकी है।

एक्सपट्र्स का कहना है कि पाइप लाइन डालने खुदाई जरूरी है, लेकिन ठेका एजेंसी को रहवासियों का ध्यान रखते हुए, उतनी ही खुदाई करना चाहिए, जितनी उसी समय पाइप लाइन डालकर दुरूस्त की जा सके। तीन चार दिन तक खुदाई रखने और फिर मिट्टी से फिलिंग की स्थिति दिक्कत खड़ी करेगी ही।

तीन साल में तीन बार खोदी जा चुकी है 600 किमी से लंबी सडक़ें

शहर विकास की एजेंसियों में तालमेल नहीं होने की वजह से पूरे शहर में लोग परेशान है। पड़ताल की तो पता चला, बीते तीन साल में पानी, केबल, सीवेज और इसी तरह के प्रोजेक्ट के लिए 600 किमी की सडक़ें तीन बार खोदी जा चुकी है। इस नुकसान का आंकलन रुपयों में करें तो 600 करोड़ रुपए से अधिक की राशि बनती है। इसमें कई मुख्य सडक़ों के साथ अंदरूनी कॉलोनियों की रोड भी है।

ये होना चाहिए

नगरीय प्रशासन विभाग के इएनसी प्रभाकांत कटारे ने इस तरह की खुदाई से लोगों की परेशानी कम करने बकायदा नगर निगम को गाइडलाइन जारी कर निर्देश दिए थे। कटारे के अनुसार एक ही क्षेत्र में सीवेज, जलापूर्ति, केबल जैसे काम होने हैं तो एजेंसियों के साथ ठेका एजेंसियों को भी समन्वय करना चाहिए।

एक ही समय में खुदाई हो ताकि रोड़ बार-बार न खुदे। उन्होंने ये निर्देश भी दिए कि नल या सीवेज लाइन के कनेक्शन देने का काम खुदाई के दौरान ही करें ताकि कनेक्शन के लिए अलग से खुदाई न करना पड़े। हालांकि इसे कोई नहीं मान रहा है।

कहां किस प्रोजेक्ट में खुदाई

- सीवेज प्रोजेक्ट कोलार

- जलापूर्ति प्रोजेक्ट कोलार
- कोलार समानांतर लाइन

- शहर में 200 किमी लंबी मेन लाइन बदलने का प्रोजेक्ट
- स्मार्टपोल में केबलिंग के लिए खुदाई

- भौंरी जलापूर्ति प्रोजेक्ट के लिए खुदाई
- बावडिय़ा ओवरब्रिज व सुभाष ओवरब्रिज में बाधक पाइप लाइन के लिए खुदाई

- इंटेलीजेंट ट्रैफिम मैनेजमेंट सिस्टम के केबल कनेक्शन के लिए चौराहों की खुदाई
- अमृत प्रोजेक्ट के लिए नालियां बनाने के लिए खुदाई

 

आमजन को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। हमने निर्माण एजेंसी को कहा है कि खुदाई के बाद रिफिलिंग भी तुरंत करें। कम से कम परेशानी आए।
- संतोष गुप्ता, कार्यपालन यंत्री, प्रोजेक्ट प्रभारी


परेशान लोग

चार दिन से सडक़ खुदी हुई है। गाड़ी निकालने में भी दिक्कत आ रही है। एक दिन में काम पूरा करना चाहिए। गेट के सामने मिट्टी का ढेर लगा देना ठीक नहीं है।
- महेंद्रसिंह, रहवासी अंकित परिसर

हमारी तो अभी नई सडक़ बनी है। सीवेज की लाइन बिछा रहे अच्छा है, लेकिन खुदाई में ध्यान रखना चाहिए कि आमजन परेशान न हो।

- सुरेश व्यास, राजहर्ष ए सेक्टर



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2WtpRCk
via

No comments