प्रज्ञा ठाकुर ने आयोग में दाखिल की पुनर्विचार याचिका, आज होगी सुनवाई
भोपाल. भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर ने तीन दिन के प्रतिबंध को लेकर चुनाव आयोग में गुरुवार को पुनर्विचार याचिका पेश की है। इसमें कहा गया है, मैं बिना शर्त माफीनामा देती हूं कि भविष्य में निर्वाचन विधि और आचार संहिता का पालन करूंगी।
यह याचिका भाजपा उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे और केंद्रीय मंत्री निर्मला सीता रमण ने दिल्ली में चुनाव आयोग के समक्ष रखी। आयोग शुक्रवार को फिर से सुनवाई करेगा।
प्रज्ञा पर बाबरी मस्जिद और शहीद आइपीएस हेमंत करकरे पर दिए बयान के बाद आयोग ने 72 घंटे का प्रतिबंध लगाया है। याचिका में आग्रह किया गया है कि इस अवधि को 12 घंटे किया जाए। उन्होंने कहा, चुनावी मैदान में देरी से उतरने के कारण उन्हें प्रचार करने का समय कम बचा है।
प्रज्ञा ने याचिका में स्पष्ट किया कि बाबरी मस्जिद पर ऐसा कोई बयान नहीं दिया, जिससे शांति भंग हो। हेमंत करकरे पर दिए बयान पर उन्होंने माफी मांगते हुए बयान वापस लिया है।
प्रतिबंध के 10 घंटे बाद कांग्रेस ने आयोग से की प्रज्ञा की शिकायत
प्रज्ञा पर प्रतिबंध लगने के 10 घंटे बाद ही कांग्रेस ने आयोग से शिकायत कर कहा कि प्रज्ञा आयोग के आदेश का पालन नहीं कर रही हैं। उन्होंने भाजपा नेताओं के साथ जुलूस निकालते हुए राजधानी भोपाल के पीरगेट चौराहा, सोमवारा, गुफा मंदिर और लालघाटी क्षेत्र में भ्रमण कर चुनाव प्रचार किया।
शिकायत में कहा गया है कि प्रज्ञा के संघर्ष की कहानी शीर्षक से लाखों पर्चे भी बांटे गए हैं। इसका प्रकाशक सरोकार शिक्षा एवं जनकल्याण समिति है। पर्चे में कथित प्रताडऩाओं के लिए कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह का जिक्र किया गया है। प्रज्ञा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उधर, प्रज्ञा के मीडिया समन्वयक डॉ. हितेष वाजपेयी ने कहा कि भाजपा ने ऐसा कोई पर्चा नहीं छपवाया है। हमारे समर्थक या आलोचक यह सब छाप कर वितरित कर रहे होंगे। चुनाव आयोग को अपने हिसाब से विधि सम्मत कार्रवाई करना चाहिए।
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