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शिवराज ने वचन पूरे करने के प्रमाण नहीं लिए तो कांग्रेसियों ने कोरियर से भेजे

भोपाल. कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बंगले पर पहुंचे। 76 दिन में 83 वादों को पूरा करने का प्रमाण लाए कांग्रेसी कार्यकताओं ने शिवराज से मुलाकात करने के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। अखिरकार वे गेट पर प्रमाण-पत्र चस्पा कर आए और इसकी कॉपी उन्हें डाक और कोरियर से भेज दी। प्रतिनिधि मण्डल का नेतृत्व कर रहे सीएम कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि पूर्व सीएम शिवराज को प्रमाण सौंप दिए हैं, अब वे वचन को पूरा करते हुए राजनीति से संन्यास लें।
दरअसल, शिवराज सिंह ने कहा था कि कांग्रेस सरकार ने यदि 83 वचन पूरे किए हैं तो वे प्रमाण दें तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा। कांग्रेसी इन्हीं प्रमाणों को लेकर शिवराज के निवास पहुंचे थे। इसके पहले प्रदेश कांगे्रस के लोकसभा चुनाव प्रबंधन प्रभारी एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने 83 वचन पूरे होने के प्रमाण जारी कर प्रतिनिधि मण्डल को शिवराज के बंगले रवाना किया। प्रतिनिधि मण्डल में पंकज चतुर्वेदी, अजय सिंह यादव आदि शामिल रहे।

शिवराज सिंह चौहान का पलटवार
कांग्रेसियों के प्रमाण दिए जाने पर शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर 83 वचन पूरे किए हैं तो कांग्रेस को घबराने की क्या जरूरत है। जनता अपकी जय जयकार करेगी। बात लिस्ट की नहीं है, मैं ऐसे लोगों को सामने खड़ा कर दूंगा, जिनके काम नहीं हुए हैं। 23 तारीख को चुनाव परिणामों के साथ वास्तविकता सामने आ जाएगी।
भाजपा कार्यालय
भी पहुंचे कांग्रेसी
महात्मा गांधी को लेकर शनिवार को सियासत होती रही। कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय पहुंचे। वहां कांग्रेसियों ने महात्मा गांधी का फोटो, गुलाब का फूल और माला सौंपी। मालूम हो कि एक दिन पहले भाजपा प्रवक्ता ने गांधी को पाकिस्तान का राष्ट्रपिता कहा था। वहीं भोपाल से भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने गांधी के हत्यारे गोडसे को देशभक्त।

कर्जमाफी पर भी हो चुकी है घेराबंदी
कि सान कर्जमाफी मामले में भी इसके पहले कांग्रेस शिवराज की घेराबंदी कर चुकी है। शिवराज ने तंज कसते हुए किसानों का दस दिन में कर्ज माफ किए जाने का वादा झूठा बताया था। इस पर कांग्रेस ने कर्ज माफी वाले 21 लाख किसानों की सूची शिवराज को सौंपी थी। भाजपा ने कर्जमाफी के आंकड़ों को कागजी बताया तो कांग्रेस ने शिवराज के भाई व परिजनों की कर्जमाफी की सूची उन्हें सौंप दी। इस पर शिवराज ने आरोप लगाया कि उनके भाई ने आवेदन नहीं किया तो कर्ज कैसे माफ हो गया। कांगे्रस ने इसके प्रमाण के तौर पर उनके भाई के हस्ताक्षर वाला फॉर्म मीडिया में जारी कर दिया। कांग्रेस का कहना है कि कर्ज माफी के बयान पर बैकफुट पर आए शिवराज अब नया झूठ ले आए। शिवराज बयानों पर फंस रहे हैं। प्रदेश की जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर किया है, अब 23 तारीख को देश के मतदाता मोदी को भी सत्ता से बेदखल कर देंगे।



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