गर्मी में कमजोर आवक ने थाली से दूर कर दीं दाल और हरी सब्जियां
भोपाल. हरी सब्जियों के बढ़ते दामों ने भी जनता को परेशान कर रखा है। सब्जियों के भाव रोजाना बढ़ते जा रहे हैं। मंडी में लोकल की आवक घटने एवं बाहर की सब्जियों की कम आवक से हरी सब्जियों के दामों में इजाफा हुआ है। सभी जगह भीषण गर्मी का दौर चल रहा है, इसलिए जून तक सब्जियों के भावों में कमी की संभावना से कारोबारी इनकार कर रहे हैं। थोक सब्जी कारोबारी मो. सलीम का कहना है कि राजधानी के आसपास के क्षेत्रों से गिलकी, पालक, धनिया, भिंडी के अलावा कैरी, खीरा, तरबूज-खरबूज आदि की आवक हो रही है। मांग की आपूर्ति करने दूसरे प्रांतों से सब्जियां मंगवाई जा रही हैं, जो महंगी बिक रही हैं। एक अन्य थोक सब्जी विक्रेता हरीओम खटीक ने बताया कि पानी के संकट के चलते लोकल से सिर्फ नदियों के किनारों वाले इलाकों से ही सब्जियां आ रही है। ज्यादातर सब्जियां बाहर से पहुंच रही हैं। मंडी में बैगन गुजरात लाइन से आ रहा है, जबकि शिमला मिर्च जबलपुर, पंजाब तरफ से। इसी प्रकार अदरक की आवक होशंगाबाद तरफ से हो रही है। पत्ता गोभी लोकल के अलावा हापुड़ से भी आ रही है।
तुअर दाल 100 रुपए किलो पर पहुंच गई
कमजोर आवक से मई में दालों में 200 से 600 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी आई है। सबसे ज्यादा तेजी तुअर दाल में देखी जा रही है। माह के शुरू में तुअर दाल थोक में 7200/7500 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बिक रही थी, उसके भाव 400 से 600 रुपए क्विंटल हो गए। रिटेल में 95 से 100 रुपए प्रति किलो तक बेची जा रही है। चना दाल 300 रुपए, मूंग दाल 300 रुपए, उड़द दाल 300 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रही है। थोक कारोबारी ईश्वर संगतानी का कहना है कि घरेलू के अलावा व्यावसायिक मांग में तेजी होने एवं आवक घटने से दालों में तेजी का तड़का लगा है।
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