साध्वी पर भड़के कैलाश सत्यार्थी, कहा- भाजपा उन्हें तत्काल पार्टी से निकाल कर राजधर्म निभाए
भोपाल. बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताकर पार्टी में अलग-थलग पड़ गई हैं। प्रधानमंत्री के बयान उनके ऊपर आने के बाद से अन्य नेताओं ने भी उनसे किनारा कर लिया है। नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी ने भी उन पर हमला किया है।
कैलाश सत्यार्थी ने ट्वीट कर लिखा है कि गोडसे ने गांधी के शरीर की हत्या की थी, परंतु प्रज्ञा जैसे लोग उनकी आत्मा की हत्या के साथ, अहिंसा, शांति, सहिष्णुता और भारत की आत्मा की हत्या कर रहे हैं। गांधी हर सत्ता और राजनीति से ऊपर हैं। भाजपा नेतृत्व छोटे से फायदे का मोह छोड़ कर उन्हें तत्काल पार्टी से निकाल कर राजधर्म निभाए।
गोडसे ने गांधी के शरीर की हत्या की थी, परंतु प्रज्ञा जैसे लोग उनकी आत्मा की हत्या के साथ, अहिंसा,शांति, सहिष्णुता और भारत की आत्मा की हत्या कर रहे हैं।गांधी हर सत्ता और राजनीति से ऊपर हैं।भाजपा नेतृत्व छोटे से फ़ायदे का मोह छोड़ कर उन्हें तत्काल पार्टी से निकाल कर राजधर्म निभाए।
— kailash satyarthi (@k_satyarthi) May 18, 2019
साध्वी नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताकर पूरी तरह फंस गई हैं। पार्टी की अनुशासन समिति ने भी उनसे इसे लेकर जवाब मांगा है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने साध्वी के बयान पर कहा था कि उनके बयान से पार्टी सहमत नहीं है, हमारी विचारधारा ऐसी नहीं है। अऩुशासन समिति पूरे मामले पर दस दिनों में पार्टी को रिपोर्ट सौंपेगी।
इन लोगों ने अपने बयान वापिस लिए हैं और माफ़ी भी मांगी है। फिर भी सार्वजनिक जीवन तथा भारतीय जनता पार्टी की गरिमा और विचारधारा के विपरीत इन बयानों को पार्टी ने गंभीरता से लेकर तीनों बयानों को अनुशासन समिति को भेजने का निर्णय किया है।
— Chowkidar Amit Shah (@AmitShah) May 17, 2019
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एमपी के खरगोन रैली के बाद दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि इस तरह के बयान कतई स्वीकार नहीं है, साथ ही ये भयंकर खराब है। प्रज्ञा ठाकुर ने भले ही इस बात के लिए माफी मांग ली हों लेकिन मैं उन्हें कतई माफ नहीं करूंगा।
गांधी जी या गोडसे के बारे में जो बयान दिए गए हैं वो बहुत ख़राब है और समाज के लिए बहुत गलत हैं।
— BJP (@BJP4India) May 17, 2019
ये अलग बात है की उन्होंने माफ़ी मांग ली, लेकिन मैं उन्हें मन से कभी माफ़ नहीं कर पाऊंगा: पीएम मोदी #DeshKaGauravModi
कैलाश सत्यार्थी से पहले मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ ने भी साध्वी को पार्टी से निकालने के लिए बीजेपी से मांग की थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी की यह विचारधारा है, ऐसे बोलने वाले लोगों पर पूर्व में भी कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा था कि अगर हिम्मत है तो साध्वी को पार्टी से बाहर निकाले।
मोदी जी आप साध्वी प्रज्ञा को भले माफ करे या ना करे लेकिन देश की जनता उन्हें बापू के हत्यारे व शहीद हेमंत करकरे पर दिये बयान पर कभी माफ नहीं करेगी।
— Office Of Kamal Nath (@OfficeOfKNath) May 17, 2019
देश की जनता यह सच्चाई जानती है कि आप ही ने उन्हें पार्टी का उम्मीदवार बनाया है,हिम्मत है तो उन्हें पार्टी से बाहर करने का साहस दिखाये
गौरतलब है कि एमपी बीजेपी के ही एक और नेता अनिल सौमित्र ने महात्मा गांधी को पाकिस्तान का राष्ट्रपिता बताया था। पार्टी ने उनके ऊपर तुरंत कार्रवाई की है और निलंबित कर दिया। साथ ही सात दिनों के अंदर उनसे जवाब मांगा है।
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