उद्योगों की जरूरत के मुताबिक पाठ्यक्रमों में बदलाव करेंगे विश्वविद्यालय - Web India Live

Breaking News

उद्योगों की जरूरत के मुताबिक पाठ्यक्रमों में बदलाव करेंगे विश्वविद्यालय

भोपाल। रोजगार पर फोकस करते हुए अब उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। मौजूदा पाठ्यक्रमों में संशोधन भी होगा। इसके लिए काम शुरू कर दिया है। राजभवन के निर्देश के बाद विश्वविद्यालयों ने यह जिम्मेदारी संभाली है।

[MORE_ADVERTISE1]

विश्वद्यिालयों की समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल लालजी टंडन अपनी मंशा स्पष्ट कर चुके हैं कि उच्च शिक्षा का पाठ्यक्रम ऐसा हो जिससे छात्रों को रोजगार के लिए परेशान न होना पड़े। राज्य सरकार की भी यही मंशा है। इसी को ध्यान में रखकर विश्वविद्यालयों ने भी काम-काज शुरू किया है। इसके लिए उद्योगों की जरूरतों को देखते हुए पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। मौजूदा पाठ्यक्रमों की समीक्षा भी होगी। जरूरत पडऩे पर इनमें बदलाव भी किया जाएगा।

[MORE_ADVERTISE2]

उद्योगों के साथ होगा समंजस्य -

पाठ्यक्रम तैयार किए जाने के पहले उद्योगों से यह पूछा जाएगा कि उन्हें किस प्रकार कौशल की जरूरत है। जिस ट्रेड में उन्हें लोगो की जरूरत होगी उसी आधार पर पाठ्यक्रम तैयार होंगे। विद्यार्थियों के लिए ट्रेनिंग शेड्यूल तैयार किया जाएगा। उद्योगों के फीडबैक के आधार पर पाठ्यक्रम तैयार होने से उद्योगपतियों की शिकायतें भी दूर हो जाएगी कि मध्यप्रदेश में जरूरत के मुताबिक स्किल्ड मेनपॉवर नहीं मिलता।

[MORE_ADVERTISE3]

प्लेसमेंट सेल होगी मजबूत -

वैसे तो अधिकांश विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्लेसमेंट सेल है। इस सेल की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्ध कराने में मदद करना है। अब इसे और मजबूत किया जाएगा। प्लेसमेंट के लिए बड़ी से बड़ी कंपनियों को कैम्पस के लिए बुलाया जाए, जिससे डिग्री मिलने के साथ ही विद्यार्थियों को रोजगार मिल जाए। साथ ही विद्यार्थियों के लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था भी कराए जाने की तैयारी है।

राज्य सरकार का प्रयास है कि डिग्री लेने के बाद युवा बेरोजगार न रहे, इसलिए रोजगारमूलक पाठ्यक्रमों शुरू किए जाएंगे। कैम्पस के माध्यम से भी रोजगार दिलाने की व्यवस्था की जा रही है।

- जीतू पटवारी, उच्च शिक्षा मंत्री



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2QMFQf4
via

No comments