2022 तक आय दोगुनी करने वादा पर कृषि मंत्री को नहीं पता कौन होता है किसान
नई दिल्ली/भोपाल. 2014 में जब नरेन्द्र मोदी देश में प्रधानमंत्री बने थे तब उन्होंने एक नारा दिया था। पीएम मोदी ने कहा था कि 2022 तक देश के किसानों की आय दोगुनी की जाएगी। लेकिन 2019 तक केन्द्र सरकार को यही नहीं पता कि देश में किसान कौन है और देशभर में किसानों की संख्या कितनी है। कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने हाल ही में राज्यसभा में भाजपा सांसद अजय प्रताप सिंह के सवाल पर एक लिखित जवाब दिया है। लेकिन वो इस सवाल का जवाव नहीं दे पाए कि देश में किसानों की कुल कितनी संख्या है।
कृषि मंत्री ने किसानों की कुल संख्या की जगह कुल जोत की संख्या के बारे में जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजना चला रहे हैं, लेकिन देश में किसानों की संख्या कितनी है इसकी जानकारी नहीं होने के कारण इस योजना का लाभ सभी लोगों तक नहीं पहुंच रहा है।
कृषि राज्य का विषय
कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने लिखित जवाब में किसान की कोई भी परिभाषा दी और इसके बजाय कहा कि कृषि एक राज्य का विषय है। उन्होंने कृषि भूमि की संख्या पर डेटा प्रदान किया और कहा कि केंद्र उन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से सभी किसान परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करता है। कृषि मंत्री के जवाब के बाद संसद में कहा गया कि खेती करने वाले परिवारों की संख्या के हिसाब से भूमि जोत जरूरी नहीं है। यह ध्यान दिया गया कि डेयरी किसान, फल और फूल उगाने वाले, साथ ही भूमिहीन मजदूर जो दूसरों की भूमि पर खेती करते हैं। वो वो सरकार की इस परिभाषा में शामिल हैं। एक संकीर्ण परिभाषा में फिट नहीं होंगे जहां किसान अकेले भूमि के स्वामित्व से जुड़े होते हैं।
18 लाख किसान जुड़े
इससे पहले क्नद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने लोकसभा में कहा था कि 18 लाख किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हैं। उन्होंने कहा था कि इस योजना का लक्ष्य लगभग 3 करोड़ लाभार्थियों को कवर करना है। नवंबर तक, देश भर में 18,29,469 किसान इस योजना के तहत पंजीकृत कराए जा चुके हैं। उन्होंने ये भी बताया था कि अकेले गुजरात में 61,496 किसान इस योजना में शामिल हैं।
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