ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बेचने के नाम पर दिल्ली की गैंग कर रही थी ठगी, भोपाल के व्यापारी से १८ लाख ऐंठे - Web India Live

Breaking News

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बेचने के नाम पर दिल्ली की गैंग कर रही थी ठगी, भोपाल के व्यापारी से १८ लाख ऐंठे

भोपाल. साकेत नगर में रहने वाले दवा कारोबारी अक्षय जैन को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बेचने के नाम पर 18 लाख की चपत लगाने वाले गिरोह का साइबर पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। एडिशनल एसपी साइबर क्राइम अंकित जयसवाल ने बताया कि दिल्ली की एक गैंग अलग-अलग राज्यों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बेचने के नाम पर लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बना रही है। गिरोह का सरगना दिल्ली निवासी नितीश अग्रवाल है जो पहले टूर एंड ट्रेवल का काम करता था उसने यह गैंग तैयार की थी। उसके सहयोगी अभिनव विजय मलिक एवं विशाल रोहतास ने उसकी सहायता की।
आरोपियों ने इंडिया मार्ट नामक वेबसाइट पर फर्जी तरीके से अपनी कंपनी का विज्ञापन दिया था। आरोपियों ने अपनी कंपनी का नाम मुंबई ऑपरेटेड सुरभि इंटरप्राइजेज रखा था। साकेत नगर के दवा कारोबारी अक्षय जैन ने कुछ दिन पहले ऑनलाइन ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदने का प्रयास किया था। उन्होंने इंडिया मार्ट की वेबसाइट से आरोपियों की कंपनी का नंबर निकाला था। आरोपियों ने उन्हें ईमेल के माध्यम से कुछ दस्तावेज भेजे थे सही प्रतीत हो रहे थे। इसके बाद कारोबारी को अपना शिकार बना कर आरोपियों ने लाखों रुपए की राशि ठग ली। आरोपी इसी प्रकार हैदराबाद एवं फरीदाबाद में भी दवा कारोबारियों से लाखों रुपए ठग चुके हैं। साइबर पुलिस ने बैंक खातों एवं एटीएम के जीपीएस लोकेशन के आधार पर आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया। एक पुलिस टीम दिल्ली रवाना की गई एवं तीनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।
बल्डिंग कंस्ट्रक्शन का काम करने वाले डेवलपर हरीश श्रीवास्तव ने हनुमानगंज थाना अंतर्गत जुमेराती स्थित बलदेव खेमानी की दुकान से लाखों रुपए का सीमेंट और सरिया खरीदा लेकिन भुगतान के बदले फर्जी चेक पकड़ा दिया। खेमानी ने हनुमानगंज थाने में आरोपी हरीश श्रीवास्तव के लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वर्ष 2017 से हरीश श्रीवास्तव उनकी दुकान से सीमेंट, लोहा एवं सरिया खरीद रहे थे। उनका अकाउंट उधारी पर चल रहा था। हाल ही में उन्होंने अपना अकाउंट क्लियर करने के लिए 4.5 लाख राशि का एक चेक दिया था। यह चेक बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया। जांच करने पर पता चला कि हरीश श्रीवास्तव ने जिस बैंक खाते का चेक जारी किया था, उस बैंक ने उनका खाता बहुत पहले ही ब्लॉक कर दिया है। बैंक द्वारा ब्लैक लिस्टेड किए जाने के बावजूद हरीश श्रीवास्तव ने चेक का दुरुपयोग करते हुए इसे बाजार में जारी कर दिया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

अन्य जिलों से भी जुटा रहे जानकारी
एडिशनल एसपी अंकित जायसवाल ने बताया कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बेचने के नाम पर मध्य प्रदेश के कई और शहरों में भी आरोपियों ने धोखाधड़ी की है। इस मामले में सभी जिलों की क्राइम ब्रांच से संपर्क कर जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपियों ने पूछताछ में अभी तक भोपाल, फरीदाबाद हैदराबाद, गुडग़ांव में लोगों के साथ धोखाधड़ी करने का बयान पुलिस को दिया है। आरोपियों ने बताया कि वह एक बार फरीदाबाद पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार हो चुके हैं एवं जेल भी जा चुके हैं।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3klN6gH
via

No comments