शुरू होंगे स्कूल, हालात ठीक, तो १५ अगस्त से बाकी कक्षाएं
भोपाल। प्रदेश में कोरोना का कहर कम होने के चलते अब स्कूल चालू करना तय हो गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 26 जुलाई से कक्षा 11वीं व 12वीं की कक्षाएं पचास फीसदी क्षमता के साथ शुरू की जाएंगी। हालात ठीक रहे तो फिर बाकी कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी।
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यह बात शिवराज ने विद्या भारती मध्यक्षेत्र भोपाल के शैक्षिक शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान अक्षरा के भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में कही। यहां अरेरा कॉलोनी में शाला भवन व पत्रिका अक्षरा का शुभारंभ किया गया। समारोह में आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले और विद्या भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकृष्णराव विशेष रूप से मौजूद थे। शिवराज ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण बच्चों का अध्ययन और शाला गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। ऑनलाइन और वर्चुअल प्रक्रिया से अध्ययन जारी है, परंतु इसकी प्रभावशीलता का आंकलन बाकी है। लंबे समय से घरों में रहकर बच्चे कुंठित हो रहे हैं। शाला संचालकों की आपनी समस्याएं हैं। इन परिस्थितियों में प्रदेश में नियंत्रित हुए कोरोना संक्रमण को देखते हुए शाला संचालन चरणबद्ध रूप से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
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हालात ठीक, तो १५ अगस्त से बाकी कक्षाएं-
शिवराज ने कहा कि कक्षा 11 व 12वीं के लिए 26 जुलाई से 50 प्रतिशत क्षमता के साथ शालाओं का संचालन शुरू किया जाएगा। शालाएं सप्ताह में चार दिन लगेंगी। दो दिन 50 प्रतिशत क्षमता का एक बैच आएगा । अगले दो दिन शेष 50 प्रतिशत विद्यार्थियों का दूसरा बैच शाला आएगा। एक सप्ताह तक स्थिति को देख कर आगे कोचिंग संस्थान, महाविद्यालयों को आरंभ करने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। यदि स्थिति सामान्य और नियंत्रण में रहती है तो 15 अगस्त से क्रमबद्ध 9वीं, 10वीं और उसके बाद माध्यमिक और प्राथमिक शालाओं शुरू की जा सकती है।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति में ज्ञान, श्रेष्ठ संस्कार और कौशल संवर्धन का समावेश
शिवराज ने शिक्षा पर आचार्य शंकर और स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा से व्यक्ति ज्ञान और नागरिकता के संस्कार अर्जित करता है। शिक्षा कौशल प्रदान करती है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में ज्ञान, श्रेष्ठ संस्कार और कौशल संवर्धन तीनों का समावेश है।
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शिक्षा नीति लाएगी लोगों में बदलाव-
आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने यहां कहा कि कोरोना महामारी के समय हमारे सिस्टम में एक दूसरे पर दोष मढने का काम किया जाता है। यह शिक्षा नीति का नतीजा है। नई शिक्षा नीति इसमें बदलाव लाएगी। अमेरिका में सितंबर के हमले के बाद लोगों ने पहले संयम से काम लिया । फिर समीक्षा करके हालात से निपटे। संकट से निपटने की यह प्रक्रिया शिक्षा नीति का ही परिणाम थी। हमारे यहां नई शिक्षा नीति अब लोगों मे बदलाव जाएगी।
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