शिवप्रकाश बोले- अफसर गाड़ी लगाए तभी कार्यक्रम होगा ये ठीक नहीं, सत्ता के आश्रित न बनें... - Web India Live

Breaking News

शिवप्रकाश बोले- अफसर गाड़ी लगाए तभी कार्यक्रम होगा ये ठीक नहीं, सत्ता के आश्रित न बनें...

Jitendra Chourasiya, भोपाल। तीन विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव के साथ 2023 व 2024 के चुनाव के लिए भी भाजपा ने अभी से रणनीति को अंजाम देना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री व सीएम शिवराज सिंह चौहान सहित अन्य बड़े नेताओं ने मंत्रियों-पदाधिकारियों की क्लास ली। साफ तौर पर कहा कि समन्वय रखना जरूरी है। पार्टी नेता, मंत्री, जिलाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी आपस में समन्वय रखें। शिवप्रकाश ने कहा कि सत्ता सहयोग लें, लेकिन सत्ता के आश्रित न बनें। ये ठीक नहीं कि अफसर गाड़ी लगाएगा, तो ही जाएंगे और कार्यक्रम करेंगे वरना नहीं करेंगे। सत्ता पर संगठन निर्भर नहीं रहे। विधानसभा 2018 का चुनाव हम हार गए थे, लेकिन अब हमारी सरकार है। फिर भी हमें इस प्रकार तैयारी करना है कि हर खामी को दूर किया जा सके। गांधीजी के समय सर्वोदय चलता था, लेकिन नेहरू के समय गाड़ी-घोड़े का कल्चर आया। गाड़ी कल्चर से सर्वोदय बर्बाद हो गया, तो हमारा संगठन क्या है? इसलिए ऐसी आदतें बंद करो। सरकार का अपना काम है, संगठन का अपना काम है। संगठन अपना काम करें। शिवप्रकाश के पहले सभी नेताओं ने सत्ता व संगठन के बीच समन्वय और मिलकर काम करने की नसीहत दी, लेकिन शिवप्रकाश ने आकर पूरी लाइन पलट दी। शिवप्रकाश ने संगठन को सरकार पर निर्भर न रहने के लिए कहा।
-----------------------
यूं चला बैठकों का दौर-
प्रदेश भाजपा की बैठकें लगभग पूरे दिन चली। पहले सभी की संयुक्त बैठक हुई। इसके बाद मंत्रियों की अलग बैठक हुई। इसे शिवप्रकाश, शिवराज और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने लिया। दूसरी बैठक पदाधिकारियों और तीसरी जिलाध्यक्षों की हुई। इन्हें संगठन महामंत्री सुहास भगत व सह-संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने लिया। इसके बाद वापस संयुक्त बैठक हुई। बाद में सीएम शिवराज ने कार्यकर्ताओं से ऑडियो ब्रिज के जरिए संवाद किया। इसके बाद शिवराज ने गोल-मेज पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। देर रात को वापस शिवप्रकाश, शिवराज, वीडी और सुहास के बीच बातचीत हुआ। इसमें सत्ता-संगठन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
---------------------------
मंत्रियों को नसीहतें-
शिवप्रकाश व शिवराज ने मंत्रियों को नसीहत दी कि कार्यकर्ता को प्राथमिकता पर रखें। कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय रहे। उनकी सुनी जाए। प्राथमिकता से काम हो। हर स्तर पर समन्वय बनें। जिलाध्यक्ष का जिला प्रभारी से, प्रभारी मंत्रियों का स्थानीय मंत्रियों से, संगठन पदाधिकारियों को मंत्रियों से और हर स्तर पर समन्वय की बेहद जरूरत है। मंत्रियों को चुनाव के हिसाब से रणनीति बनाकर काम करने की समझाईश भी दी गई। समापन सत्र में शिवप्रकाश ने कहा कि हमें चुनौतियों से लडऩे वाला संगठन खड़ा करना है। जिला अध्यक्ष, प्रभारी मंत्री और जिला प्रभारी इन तीन कार्यकर्ताओं की त्रिवेणी मिलकर जिले में जनाधार की चिंता करें। हमसे एक भी सीट और एक भी बूथ हमसे न छूट। हम सामूहिक रूप से मिलकर 2023 और 2024 में जीतेंगे।
---------------------------
किसने क्या कहा-
सिंधिया-शिवराज का आदमी नहीं चलेगा-
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये भाजपा है, इसमें सब एक हैं। ये सिंधिया का आदमी, ये शिवराज का आदमी, ये वीडी शर्मा का आदमी ये नहीं चलेगा। सब मिलकर काम करें। सरकारी कार्यक्रमों में जाएं। हर महीने 7 तारीख को अन्न उत्सव होता है, उसमें जाएं। पार्टी का झंडा-पोस्टर लगाएं, कौन रोकता है? कोरोना संकट से लेकर अन्न उत्सव और वैक्सीनेशन तक में पार्टी और सरकार ने पूरे तालमेल से काम करके कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आने वाले समय में हम मध्यप्रदेश को संगठन और सरकार के समन्वय का मॉडल बनाएंगे। हम सब भाजपा के कार्यकर्ता हैं और हमें इस आधार पर ही लोगों का चयन करना चाहिए कि कौन व्यक्ति किस काम के लिए उपयुक्त है। अहंकार से दूर और सहज, सरल रहते हुए लक्ष्य निर्धारित करके काम करें।
---------------------------
वीडी बोले, गुड गवर्नेंस पर ध्यान देना जरूरी...
प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि हम एक कार्यकर्ता आधारित संगठन हैं। देश में पंच-सरपंच से लेकर प्रधानमंत्री के पद तक हमारे कार्यकर्ता हैं। हमें यह प्रयास करना है कि किस प्रकार लोगों तक गुड गवर्नेंस और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे।
----------------
सुहास बोले, प्रभारी जिलों में जाकर नेतागिरी न करें-

संगठन महामंत्री सुहास भगत ने कहा कि हमारे प्रभारी जिलों में जाकर नेतागिरी न करें। वहां नेता पहले से हैं, प्रभारी केवल समन्वय करने जाएं। वहां जाकर नेता बनने की जरूरत नहीं। हमारे जिलाध्यक्ष संगठन की धुरी हैं। संगठन के सारे काम इनके माध्यम से होते हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि जिला अध्यक्ष, जिले के प्रभारी और प्रभारी मंत्री की टोली समन्वय के साथ काम करे। देखें कहां कमजोर है और उसे सुधार के लिए क्या करना है।
------------------
प्रवक्ता दुर्गेश को फटकार, सुहास बोले- क्या हम पाइंटर बनाने बैठे हैं...
प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी को बैठक में फटकार भी पड़ी। जब सुहास भगत ने प्रवक्ताओं को अध्ययन करने के बाद ही किसी मुद्दे पर डिस्कर्शन की बातें कहीं, तो दुर्गेश ने कहा कि क्या हमें इसके पाइंटर मिल जाएंगे। इस पर सुहास ने फटकार लगाते हुए कहा कि क्या हम यहां पाइंटर बनाने बैठे हैं। जितना दिनभर इधर-उधर घूमते हो, उसमें एक घंटे अध्ययन कर लो तो काफी कुछ सुधर जाएगा। इसके बाद प्रवक्ता सकपकाए बैठे रहे।
---------------------



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3gEmTqX
via

No comments