कॉपी जांचने वालों की लापरवाही से स्कूल की टॉपर बनने से रह गई थी छात्रा, पुनर्गणना कराई तो बनी टॉपर, अब मिलेगी ई-स्कूटी
भोपाल. नवीन कन्या हायरसेकंडरी स्कूल में पढऩे वाली रिमझिम ने 12वीं कक्षा में 402 अंक प्राप्त किए थे। रिमझिम अपने अंकों से संतुष्ट नहीं थी। उसने पुनर्गणना के लिए आवेदन किया। पुनर्गणना के रिजल्ट के बाद छात्रा के 30 नंबर बढ़े हैं। 30 नंबर बढऩे के बाद रिमझिम अब स्कूल टॉपर बन गई है। ऐसे में वह ई स्कूटी के लिए भी पात्र है।
फेल से ज्यादा पास छात्र करा रहे पुनर्गणना
माशिमं ने अधिकारियों ने बताया कि सरकार की लैपटॉप और ई-स्कूटी योजना के कारण अब फेल से ज्यादा पास विद्यार्थी पुनर्गणना के लिए आवेदन करते हैं। इसमें ऐसे छात्रों की संख्या अधिक होती है, जो 5-10 नंबर से 75 प्रतिशत या स्कूल टॉपर बनने से रह जाते हैं। 12वीं कक्षा के करीब 20 हजार छात्र-छात्राओं ने इस साल पुनर्गणना के लिए आवेदन किया थे। इसमें से 25 फीसदी विद्यार्थियों के नंबर चेंज हुए हैं।
एक स्कूल से हुआ तीन छात्रों का चयन
सरकार की योजना अनुसार हर स्कूल से एक टॉपर को ई-स्कूटी दी जाना है, लेकिन शहर के सुभाष एक्सीलेंस स्कूल में तीन विद्यार्थियों के नंबर समान होने के कारण तीनों विद्यार्थी स्कूटी के पात्र हैं। भोपाल जिले में 12वीं कक्षा में स्कूल टॉप करने वाले 130 विद्यार्थियों को ई स्कूटी दी जाएगी। इसमें 59 छात्र एवं 61 छात्राएं शामिल हैं।
वर्जन
गलत कॉपी चेक करने वाले शिक्षकों को मंडल द्वारा ब्लैक लिस्टेड किया जाता है। साथ ही एक गलती पर तीन लोग मूल्यांकन कर्ता, उप मुख्य परीक्षक और मुख्य परीक्षक पर 100-100 रुपए का अर्थदंड भी लगाया जाता है। कार्रवाई के लिए शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है।
मुकेश मालवीय, जनसंपर्क अधिकारी, माध्यमिक शिक्षा मंडल
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