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government employees नियमित होंगे 5 साल तक लगातार नौकरी करनेवाले सभी कर्मचारी

government employees एमपी के कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। प्रदेश में संविदा पर काम कर रहे अधिकारी-कर्मचारियों को राज्य सरकार ने बड़ी सौगात दी है। प्रदेश में अब लगातार पांच साल नौकरी करने पर ये कर्मचारी भी नियमित हो सकेंगे। विभागीय नियुक्ति में इनके लिए 50% पद आरक्षित होंगे। राज्य सरकार ने इस संबंध में दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं।

राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार, संविदा कर्मचारियों को सीधे नियमितिकरण का लाभ नहीं मिलेगा। इसके लिए उन्हें भर्ती प्रक्रिया से गुजरना होगा। हालांकि आयु सीमा में छूट मिलेगी, जो अधिकतम 55 वर्ष ही होगी। इन कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान लाभ मिलेंगे लेकिन इससे पहले प्रमाण पेश करना होगा।

संविदा अधिकारियों, कर्मचारियों को नियमित की तरह ही लाभ मिलेंगे। इनमें अवकाश की सुविधा भी होगी। इन्हें एक वर्ष में 13 दिन आकस्मिक अवकाश और 3 दिन एच्छिक अवकाश की पात्रता होगी। इसके अतिरिक्त उन्हें अलग से एक वर्ष में 15 दिन का विशेष अवकाश मिलेगा। संविदा महिला अधिकारी, कर्मचारी को प्रसूति अवकाश की पात्रता होगी।

सर्विस ब्रेक हुई तो नहीं मिलेगा लाभ
नियमितिकरण के लिए वही संविदा अधिकारी-कर्मचारी पात्र होंगे, जो लगातार पांच वर्ष सेवा करने का प्रमाण देंगे। यदि इस बीच सर्विस ब्रेक हुई तो वे नियमितिकरण के पात्र नहीं होंगे।

दिशा-निर्देश जारी
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में संविदा कर्मचारियों को कई सौगातें दी थीं। मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद संविदा नियमों में संशोधन की प्रक्रिया शुरू हुई और अब दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए। इसका सीधा लाभ राज्य के ढाई लाख संविदा कर्मियों को मिलेगा।

राज्य सरकार ने संविदा कर्मचारियों के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए, लेकिन सरकार दैनिक वेतन भोगियों को भूल गई। मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच के प्रांत अध्यक्ष अशोक पांडे ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भेजे पत्र में वर्ष 2003 का भाजपा का घोषणा पत्र याद दिलाया है, जिसमें वादा किया गया था कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सरकार बहाल करते हुए उन्हें नियमित करेगी। हालांकि 20 साल बाद भी दैनिक वेतनभोगी नियमित नहीं हो पाए। उन्होंने सीएम से आग्रह किया है कि स्थायी कर्मी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की महापंचायत बुलाकर नियमित नियुक्ति की घोषणा की जाए।

संविदा कर्मचारियों के लिए यह भी प्रावधान
नियमित नियुक्ति मिलने के बाद पहले की संविदा सेवाओं का कोई लाभ नहीं मिलेगा।
संविदा अधिकारियों, कर्मचारियों की सेवाकाल में मृत्यु होने पर आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति भी मिलेगी।
ऐसे अधिकारी, कर्मचारी जिनकी संविदा नियुक्ति एक अप्रेल 2018 के पहले हुई हो और जो नियुक्ति दिनांक से निरंतर कार्यरत हैं, उनका पारिश्रमिक पुर्ननिर्धारित किया गया है।
संविदा कर्मचारियों को अब प्रतिवर्ष अनुबंध रिन्यु नहीं कराने होंगे।
यदि किसी कर्मचारी की सेवाएं संतोषजनक नहीं पाई जाएंगीं तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
संविदा पर नियुक्त अधिकारी, कर्मचारियों की सेवा युक्तियुक्त आधार व कारणों के बिना समाप्त नहीं की जाएंगी।
संविदा अधिकारी, कर्मचारियों की आयु जिस माह में 62 वर्ष हो रही है, उस माह के अंतिम दिवस को उनकी सेवाएं स्वत: समाप्त मानी जाएगी।



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