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क्या है कलेक्टर गाइड लाइन, कैसे होता है इसका निर्धारण

भोपाल में 1 अप्रेल से लागू होगी नई गाइडलाइन
राजधानी भोपाल में नई गाइडलाइन एक अप्रेल से लागू होगी। इस बार शहर की करीब ३९०० लोकेशन में से १४४३ लोकेशन में औसतन ७.१९ प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की गयी है। इस बढ़ोतरी से स्टांप शुल्क महंगा होने के कारण जमीनों की खरीदी पर ज्यादा कीमत चुकानी होगी।
कुल लोकेशन-३९००
शहरी क्षेत्र-३११०
्रग्रामीण क्षेत्र-७९०
वृद्धि का प्रस्ताव-1443
शहरी क्षेत्र-1228
ग्रामीण क्षेत्र-215
सुझाव आए-२०
एवरेज वृद्धि प्रस्ताव-७.१९ प्रतिशत
बाकी बची 2457 लोकेशन पर दर नहीं बढ़ेगी
क्यों बढ़ रही गाइडलाइन
क्षेत्र में बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट चल रहे या फिर प्रस्तावित
कोलार में सिक्स लेन, अयोध्या नगर में 10 लेन रोड प्रोजेक्ट
कोलार में 100 बेड वाले अस्पताल का निर्माण
भानपुर खंती का खत्म होना
होशंगाबाद रोड पर डबल डेकर फ्लाई ओवर
सलैया में नए आरओबी और अधिक रजिस्ट्री होना
क्या होगा असर
जमीन, मकान की खरीद-फरोख्त में स्टॉम्प ड्यूटी ज्यादा देनी होगी।
प्रॉपर्टी की कीमत ज्यादा हो जाएगी
कौन बढ़ाता है दरें
जिला मूल्यांकन समिति
यहां वृद्धि का विरोध-कोलार रोड
यहां सबसे ज्यादा वृद्धि
कोलार, सलैया, अयोध्या बाइपास और मिसरोद में 25त्न से लेकर 94त्न तक
सबसे महंगी रोड
मिसरोद की कोरल वुड्स सोसाइटी की मेन रोड
प्रति वर्ग मीटर 94त्न की बढ़ोतरी
अभी यहां रहवासी प्लाट की कीमत 44 हजार रुपए वर्ग मीटर
नई दरों में 70 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर हो जाएगी
कहां कितनी वृद्धि प्रस्तावित
बावडिय़ा कलां-44.23त्न
होशंगाबाद रोड, चिनार सफायर-42.04त्न
कोलार,कान्हा कुंज ग्राम गेहूंखेड़ा-42.04त्न
अयोध्या नगर हाउसिंग बोर्ड -40.10त्न,
अयोध्या नगर,सुरभि परिसर-40त्न
मिसरोद वार्ड 52-38.88त्न
अयोध्या नगर वार्ड 68-37.5त्न
कोलार वार्ड 81 बैरागढ़ चीचली-37.5त्न
22 नई कॉलोनियां लोकेशन में जुड़ेंगी
क्या है कलेक्टर गाइडलाइन
भूमि खरीदते समय उसकी कीमत दो तरह से आंकी जाती है। बाजार कीमत और सरकारी कीमत। बाजार कीमत वह है जिस कीमत पर दूसरे व्यक्ति से भूमि खरीदी जाती है। यह कीमत स्थायी या फिक्स नहीं होती है। जबकि,सरकारी कीमत जगह के हिसाब से प्रत्येक वर्ष के लिए तय की जाती है। जिला प्रशासन भूमि का स्थान के हिसाब से हर साल उसकी कीमत प्रति हेक्टेयर तय करता है। इसे ही प्रॉपर्टी गाइडलाइन कहते हैं। कलेक्टर गाइडलाइन, जिला मूल्यांकन समिति तय करती है। समिति के अध्यक्ष कलेक्टर होते हैं।
सरकार भूमि की कीमत के अनुसार रजिस्ट्री फीस लेती है।
अमूमन 6 प्रकार की भूमि
१.भूखंड (वर्गमीटर)
आवासीय
व्यावसायिक
औद्योगिक
२.आवासीय भवन (वर्गमीटर)
आरसीसी
आर.बी.सी.
टिन छाया
कच्चा कवेलू
३.व्यावसायिक भवन (वर्गमीटर)
दुकान
कार्यालय
गोडाउन
४.बहुमंजिला ईमारत (वर्गमीटर)
आवासीय
व्यावसायिक
५.कृषि भूमि (हेक्टेयर)
सिंचित
असिंचित
६.कृषि भूखंड (वर्गमीटर)
उपबंध अनुसार आवासीय
उपबंध अनुसार व्यावसायिक
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