आतंकी हमलों से ज्यादा गड्ढों के कारण हादसों में हुईं मौत- सुप्रीम कोर्ट, भोपाल में एक साल में 19 लोगों की जान चली गई
दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में सड़कों पर गड्ढों के कारण हो रहे हादसों में होने वाली मौतों पर चिंता व्यक्त की है। उसने कहा कि गड्ढों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में मौतों (5 साल में 15000) की संख्या आतंकी हमलों में होने वाली मौतों (961) से कहीं ज्यादा है। जस्टिस मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की बेंच ने कहा कि सड़कों में गड्ढ़ों के कारण दुर्घटना में मारे जाने वाले लोगों के परिजन को मुआवजे का हक होना चाहिए।
इस स्थिति को भयावह बताते हुए बेंच ने कहा कि यह मामला किसी इंसान की जिंदगी और मौत से जुड़े गहरे सवाल की ओर इशारा करता है। बेंच ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की समिति को सड़क सुरक्षा पर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस केएस राधाकृष्णन की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा पर समिति गठित की गई है। इस साल की शुरुआत में आई एक रिपोर्ट के अनुसार सड़कों में गड्ढों की वजह से हुई दुर्घटनाओं में पिछले पांच साल में 15 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों पर जाम को लेकर दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस दिया: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की सड़कों पर जाम की समस्या को लेकर दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है। पुलिस आयुक्त से सड़कों से अतिक्रमण हटाने और यातायात को सुचारु बनाने के लिए टास्कफोर्स की सिफारिशाें को लागू न करने को लेकर जवाब मांगा गया है। जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने पूछा है कि टास्क फोर्स की सिफारिशों को लागू करने में वे क्यों नाकाम रहे। बेंच ने इस संबंध में गुरुवार को दाखिल दिल्ली सरकार के हलफनामे पर भी नाराजगी जताई और कि यातायात की और सड़कों पर अतिक्रमण को हटाने की कोई समय सीमा नहीं दी गई।

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