एक मैसेज पांच से ज्यादा बार फॉरवर्ड नहीं कर सकेंगे वाट्सएप यूजर्स
दिल्ली । वॉट्सएप ने फेक न्यूज अौर अफवाहों पर रोक लगाने के लिए भारतीय यूजर्स पर मैसेज भेजने की सीमा तय कर दी है। अगर आप वॉट्सएप का उपयोग कर रहे हैं तो अब एक मैसेज 5 से ज्यादा बार फाॅरवर्ड नहीं कर सकेंगे। कंपनी ने यह भी कहा है कि यूजर्स अब क्विक फॉरवर्ड का बटन का भी इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे, जिसका ऑप्शन मीडिया मैसेज के बाद होता है। कंपनी ने यह बदलाव सिर्फ भारत के यूजर्स के लिए ही किया है। देश में इसकी टेस्टिंग शुरू हो चुकी है और जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा। कंपनी का मानना है कि भारत में लोग दूसरे देशों से ज्यादा मैसेज, वीडियो और फोटो फाॅरवर्ड करते हैं। दुनियाभर में वॉट्सएप के 100 करोड़ यूजर्स हैं, जिसमें करीब 20 करोड़ भारत में ही हैं।
वॉट्सएप ने पिछले दिनों अफवाहों के कारण हुई मॉब लिंचिंग की घटनाओं के संबंध में 10 बिंदुओं पर गाइडलाइन जारी की थी। इसमें यूजर्स को सावधानी बरतते हुए बताया था कि अगर आप किसी कानूनी मुसीबत में नहीं पड़ना चाहते तो इन गाइडलाइंस को फॉलो करें। इसमें मैसेज के फॉरवर्ड होकर आने, फेक फोटो की पहचान, लिंक की जानकारी लेना, डराने वाले मैसेज को आगे न बढ़ाने के बारे में जागरूक किया गया था। लेकिन केंद्र सरकार ने इस प्रयास को नाकाफी बताया।
5 मैसेज फाॅरवर्ड के बाद ऑप्शन डिसेबल हो जाएगा
भारत में वॉट्सएप एक बार में 5 चैट्स की सीमा को टेस्ट कर रहा है। यानी अब एक बार में पांच से ज्यादा कांटैक्ट्स को एक ही मैसेज फॉरवर्ड नहीं किए जा सकेंगे। इसका मतलब है कि अगर एक मैसेज को पांच बार एक ही अकाउंट से फॉरवर्ड किया जा चुका है तो वॉट्सएप पर उस मैसेज को फॉरवर्ड करने का ऑप्शन डिसेबल हो जाएगा। हालांकि ये नए नियम ग्रुप के दूसरे सदस्यों को वही मैसेज आगे पांच लोगों को फॉरवर्ड करने से नहीं रोक पाएगा। एक ग्रुप में 256 लोग होते हैं।
सरकार ने एक दिन पहले ही वॉट्सएप को फटकारा था
बता दें कि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा था कि शरारती तत्वों द्वारा जब ऐसी खबरें फैलाई जाती हैं तो माध्यम बनने वाले जिम्मेदारी और जवाबदेही से नहीं बच सकते हैं। मंत्रालय ने इसे लेकर वॉट्सएप को दूसरा नोटिस देकर अधिक प्रभावी समाधान लाने को कहा था।


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