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गदा अर्पण यात्रा: दूसरे दिन ग्रामीण भोपाल में उत्सव का माहौल


-गौ रक्षा हेतु प्रत्येक थाने में सौंपेंगे राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
भोपाल। पूर्व जिला पंचायत सदस्य विष्णु विश्वकर्मा के संयोजन में आयोजित हो रही गदा यात्रा शुक्रवार को बरखेड़ा सालम से प्रारंभ होकर तूमड़ा, फंदा, टीलाखेड़ी, बोरखेड़ी, कोड़िया, रातीबड़, बेरखेड़ी, मेंडोरी, नीलवड़, मुगालिया छाप, खजूरी संत हिरदाराम नगर, लालघाटी, VIP रोड, रोशनपुरा से होकर कोलार पहुंची। जहां कोलार स्थित मां पहाड़ा वाली मंदिर मैं गदा यात्रा का रात्रि विश्राम हुआ । पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं भव्य गदा यात्रा के संयोजक विष्णु विश्वकर्मा ने बताया कि शनिवार प्रातः 9 बजे मां पहाड़ा वाली मंदिर से भव्य गदा अर्पण यात्रा का प्रारंभ होगा। तीसरे दिन यह धार्मिक यात्रा कोलार के मंदाकिनी, वीमाकुंज, दानिश नगर, ललिता नगर, बावड़िया, आदि क्षेत्रों में भ्रमण करते हुए मिसरोद, 11 मील, बंगरसिया, चिकलोद, के रास्ते दोपहर 3:00 बजे श्री हनुमान मंदिर छींद धाम पहुंचेगी। 
समापन स्थल पर होगा सुन्दरकाण्ड पाठ, महाआरती एवं विशाल भंडारा
 तीन दिवसीय भव्य गदा अर्पण यात्रा तीसरे और अंतिम दिन शनिवार को श्री हनुमान जी महाराज को गदा अर्पण कर संपन्न होगी। इस अवसर पर छिंद मंदिर में सुंदरकांड पाठ एवं महाआरती के साथ विशाल भंडारा भी आयोजित किया जाएगा। संयोजक विष्णु विश्वकर्मा ने बताया कि भंडारे में लगभग 5000 श्रद्धालु भोजन प्रसादी ग्रहण करेंगे।
हनुमान जी तक पहुंचा रहे अर्जियां
 ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गदा रथ में रखी मनोकामना पेटी में अपनी समस्याएं और मनोकामनाएं लिखकर हनुमान जी महाराज को प्रेषित की है, गौरतलब है कि भव्य गदा अर्पण यात्रा के संपन्न होते समय ही यह अर्जियां छींद वाले हनुमानजी को समर्पित कर दी जावेंगी ।
गौरक्षा हेतु पुलिस थानों में देंगे राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
यात्रा के संयोजक विष्णु विश्वकर्मा ने बताया कि यात्रा के तृतीय दिवस शनिवार को मां पहाड़ा वाली मंदिर से श्री हनुमान मंदिर छिंद धाम जाते समय रास्ते के समस्त पुलिस थानों में महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन दिए जाएंगे । ज्ञापन में मुख्य रूप से गौरक्षा के संबंध में मांग की जाएगी, विष्णु विश्वकर्मा ने मांग की है कि ज्यादा चलने वाले रोड़ और चौराहों पर घूमने या रुकने वाली गायें अक्सर वाहन दुर्घटना का शिकार हो जाती हैं । गौरक्षा हेतु तत्काल अस्थाई गौशालाओं का निर्माण कराया जाए तथा आवारा घूमने वाली गायों को उन गौशालाओं में रखा जाए, जिससे गायों के दुर्घटनाग्रस्त होकर अकाल मृत्यु की घटनाओं पर लगाम लग सके । साथ ही जो लोग बृद्धावस्था में या अपंगता के कारण अपनी पाली हुई गायों को रोड़ पर खुला छोड़ देते हैं उनपर कानूनी कार्यवाही की जाए ।

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