पीएनबी घोटाला: नीरव मोदी ने कहा कुछ गलत नहीं किया, सुरक्षा कारणों से भारत नहीं आ सकता
दिल्ली। 13,700 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव मोदी ने विशेष अदालत को जवाब भेजा है। नीरव ने कहा है कि उसने कुछ गलत नहीं किया। पीएनबी घोटाला दो पक्षों के बीच लेन-देन का मामला है जिसे आपस में सुलझाया जा सकता है। इसे बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया। नीरव का कहना है कि वह सुरक्षा कारणों से भारत नहीं आ सकता। नीरव फिलहाल यूके में रह रहा है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग (पीएलएलए) कोर्ट में नीरव के खिलाफ अर्जी दाखिल की थी। ईडी चाहता है कि नीरव को आर्थिक भगोड़ा अपराधी कानून-2018 के तहत भगोड़ा घोषित किया जाए। ईडी की याचिका पर पीएमएलए कोर्ट ने नीरव से जवाब मांगा था।
सुरक्षा की दलील को पहले ही खारिज कर चुकी है अदालत
पिछले महीने नीरव के वकील ने भी विशेष अदालत में सुरक्षा की दलील दी थी। उसने कहा था कि नीरव की वापसी इसलिए नहीं हो सकती क्योंकि भारत लौटने पर उसे मॉब लिंचिंग का खतरा है। कोर्ट ने इस दलील को मानने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि इसका हमारे मामले से कोई लेना-देना नहीं है। अगर कोई खतरा है तो नीरव को पुलिस से सुरक्षा मांगनी चाहिए।
फरवरी 2018 में पीएनबी घोटाले का खुलासा हुआ था। इससे पहले ही नीरव विदेश भाग गया था। फिलहाल वह यूके में रह रहा है। नीरव और उसके मामा मेहुल चौकसी ने फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स के जरिए बैंकों से रकम लेकर विदेशों में ट्रांसफर की। सरकार दोनों के प्रत्यर्पण की कोशिशों में जुटी है। चौकसी एंटीगुआ की नागरिकता ले चुका है।
चौकसी ने भी मॉब लिंचिंग के खतरे की दलील दी थी
ईडी ने मेहुल चौकसी के गीतांजलि ग्रुप से जुड़ी कंपनी की थाईलैंड स्थित फैक्ट्री भी अटैच की है। इस फैक्ट्री की कीमत 13 करोड़ रुपए है। ईडी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पिछले साल जुलाई में सीबीआई कोर्ट को भेजी एप्लिकेशन में चौकसी ने भी भारत की जेलों में प्रताड़ना और मॉब लिंचिंग का खतरा होने की बात कही थी।
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