आज एक फिल्म में छह-छह कंपोजर, सिंगर्स ने खुद गिराई अपनी वैल्यू
भोपाल। प्लेबैक सिंगर श्रृद्धा पंडित राजधानी स्थित मौलान आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी(मैनिट) के कल्चरल फेस्ट मैफिक में लाइव कंसर्ट देने भाई आई। इस दौरान उन्होंने पत्रिका प्लस से विशेष बातचीत की। उन्होंने कहा कि म्यूजिक इंडस्ट्री ने खुद को फिल्म इंडस्ट्री से छोटा बना लिया है। आज फिल्म दो सौ - चार सौ करोड़ तो कमाती है, लेकिन सिंगर को उतना पैसा नहीं मिलता, जिसका वह हकदार है। आज एक फिल्म में पांच-छह म्यूजिक कंपोजर होते हैं। सिंगर-कंपोजर कम से कम दाम में काम करने को तैयार हैं। एक मौके के लिए नए सिंगर्स तैयार बैठे हैं। सिंगर्स ने अपना दर्जा खुद गिरा लिया है। उन्होंने कहा कि आज हर पत्थर के नीचे एक सिंगर दबा हुआ है।
अमेरिका-यूरोप में सिंगर्स का अपना रूतबा
उन्होंने कहा कि अमेरिका-यूरोप में फिल्मों में गीत नहीं होते। सिंगर्स अपने एल्बम खुद लॉन्च करते हैं। वहां सिंगर्स को लाखों डॉलर की कमाई होती है। लाइव कंसर्ट में भी उन्हें लाखों-करोड़ों रूपए मिलते हैं। उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग होती है। भारत में सिंगर्स पर्दे के पीछे काम करता है। उन्हें उतना पैसा भी नहीं मिल पाता। कई बड़े सिंगर्स के भी एल्बम फ्लॉप हो जाते हैं। इसलिए सिंगर्स फिल्मों में गाना ही ज्यादा पसंद करते हैं।
मी-टू कैंपेने ने दी बोलने की आजादी
मी-टू कैंपने में श्रृद्धा की बहन श्वेता ने भी अनु मलिक पर आरोप लगाए थे। इस मामले में श्रृद्धा का कहना है कि मुझे बहन ने इसके बारे में सब कुछ बताया था लेकिन उस वक्त हम किसी से क्या कह पाते। जब हमें मौका मिला हमने अपनी बात कही। इसके बाद हमने उनके साथ काम करने से भी मना कर दिया। इंडस्ट्री में नए कलाकारों के साथ इस तरह की घटनाएं होती है, लेकिन वे इंडस्ट्री से बाहर होने के कारण से आवाज नहीं उठा पाते।
4 साल की उम्र से ली शास्त्रीय संगीत की शिक्षा
श्रृद्धा ने बताया मेरे पिता तबला वादक और गायक थे। मेरे छोटे दादा पंडित जसराज को पद्मभूषण मिला है। कला मेरे खून में बसती है। मैंने महज चार साल की उम्र में दादा से संगीत की शिक्षा लेना शुरू कर दी थी।
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