नीतीश कुमार ने भाजपा को दी नसीहत, कहा- साध्वी प्रज्ञा को पार्टी से बाहर निकालने पर करें विचार
भोपाल. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साध्वी प्रज्ञा को लेकर बड़ा बयान दिया है। रविवार को सातवें चरण की वोटिंग के बाद उन्होंने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के नाथूराम गोडसे पर दिए गए बयान पर आपत्ति जताई है। नीतीश कुमार ने कहा- प्रज्ञा ठाकुर के गोडसे पर दिए बयान की निंदा करता हूं उन्हें भाजपा से निकालने पर विचार किया जाना चाहिए। बता दें कि नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने के बाद भाजपा ने कहा था कि ये पार्टी का बयान नहीं है। जिसके बाद साध्वी ने मांफी मांगी थी।
बीजेपी का अंदरूनी मामला
नीतीश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा- गांधी जी को लेकर इस तरह के बयानों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह बीजेपी का अंदरुनी मामला है, लेकिन इस तरह के बयान के लिए उन्हें पार्टी से निकालने पर विचार करना चाहिए। नीतीश कुमार एनडीए में शामिल हैं। बिहार में भाजपा और जदयू के बीच गठबंधन है।
और क्या कहा नीतीश कुमार ने
वोट डालने के बाद नीतीश कुमार ने लंबी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतनी गर्मी में इतना लंबा चुनाव नहीं होना चाहिए। इसे दो से तीन चरणों में फरवरी-मार्च में कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर चर्चा कराई जाए। अप्रैल-मई में गर्मी होने की वजह से चुनाव प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी कम हो जाती है। चुनाव एक चरण का ही बेहतर होता है, लेकिन देश बड़ा है कि इसलिए दो या तीन चरणों में चुनाव कराए जा सकते हैं।
मोदी ने कहा था- प्रज्ञा को नहीं कर पाऊंगा माफ
वहीं, भाजपा की फटकार के बाद साध्वी प्रज्ञा ने मांफी मांगी थी। जिसके बाद पीएम मोदी ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने भले ही माफी मांग ली हो लेकिन मैं उन्हें मन से माफ नहीं कर पाऊंगा।
क्या कहा था साध्वी प्रज्ञा ने
अभिनेता से नेता बने कमल हासन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए साध्वी प्रज्ञा ने कहा था, नाथूराम गोडसे देशभक्त हैं, देशभक्त थे और देशभक्त रहेंगे। उन्हें आतंकी कहने वाले लोग अपनी गिरेबान में झांके। ऐसे लोगों को जनता जवाब देगी। बता दें कि कमल हासने ने कहा था कि देश का पहला आतंकी हिन्दू था और उसका नाम नाथूराम गोडसे है।
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