इस बार बैठक होकर न रह जाए, आरा मशीनों व लकड़ी के पीठों की शिफ्टिंग होनी चाहिए - मंत्री आरिफ अकील
भोपाल। पिछले 20 साल से अधिक समय से चला आ रहा आरा मशीन और लकड़ी के पीठों की शिफ्टिंग को लेकर गैस राहत, लघु मंत्री आरिफ अकील ने नाराजगी जताई है। शुक्रवार को शिफ्टिंग के संबंध में की गई बैठक में उन्होंने साफ कहा कि इसको लेकर कई बार बैठकें हो चुकी हैं, इस बार सिर्फ बैठक होकर न रह जाए, जमीन पर भी काम दिखना चाहिए। इस संबंध में उन्होंने विभाग के पीएस अशोक शाह एक सप्ताह के अंदर सभी जानकारियों के साथ फिर से बैठक के निर्देश दिए हैं।
लंबे समय से चांदपुर में आरा मशीन और पीठों को शिफ्ट किया जाना है। सरकार ने पहले बीडीए को क्षेत्र में डेवलपमेंट की जिम्मेदारी सौपी थी। लेकिन डेवलपमेंट की राशि 40 करोड़ रुपए नहीं मिलने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया था। अब यह राशि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की तरफ से जाएगी। शहर में पातरा, बरखेड़ी, पुल बोगदा, छोला, भारत टाकीज, आरा मशीन रोड, मंगलवारे में सवा सौ आरा मशीनें व पीठे पिछले चालीस से पचास वर्षों से चल रहे हैं। इस कारण क्षेत्र में काफी प्रदूषण भी फैला रहता है। जाम की समस्या तो आए दिन होती है। इसको लेकर अब तक दो दर्जन से ज्यादा बैठकें प्रशासन और मंत्री स्तर पर हो चुकी हैं। लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।
30 एकड़ जमीन, 18 एकड़ टिम्बर कारोबारियों को
प्रशासन की तरफ से नई जेल के पास चांदपुर में कुल 30 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है। 18 एकड़ जमीन टिम्बर कारोबारियों के लिए और 12 एकड़ जमीन डेवलपमेंट के नाम पर आरक्षित की गई है। यहां 10 से 4 हजार वर्गमीटर के प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। भारत सरकार की क्लस्टर योजना में आरा मिलों के विस्थापन का प्रस्ताव भेजा गया है। लगभग छह माह के अंदर यह कार्रवाई की जानी है। अभी चार माह का समय और लग सकता है। बैठक में आरा मिलों के लिये बिजली, पानी, फायर ब्रिगेड, पहुंच मार्ग आदि विषयों पर भी चर्चा की गई
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