पुलिस अफसर, डॉक्टर और इंजीनियर के किरदार से जान रहे इनका योगदान
भोपाल। जब स्टूडेंट्स स्कूल जाते हैं तो उन्हें हर तरह की एक्टिविटी में शामिल होने का मौका मिलता है लेकिन कोरोना के कारण पिछले दो सत्रों से वर्चुअल क्लासेस ही चल रही हैं। प्राइमरी सेक्शन के स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए टीचर्स को अतिरिक्त मेहनत करना पड़ती है। उन्हें समझाने के लिए वे अपनी टिचिंग में नई-नई स्किल्स डेवलप कर रही हैं। इन दिनों स्टूडेंट्स को कम्युनिटी हेल्पर पैटर्न के तहत पढ़ाया जा रहा है। जिसमें स्टूडेंट्स को कम्युनिटी के किरदार दिए जा रहे है, स्टूडेंट्स उस किरदार को निभाते हैं और समझते हैं कि वे क्या हैं। इससे वे समझते हैं कि हमारे जीवन में कम्युनिटी हेल्पर किस तरह से हमारे काम में आते हैं और किस तरह से मदद करते हैं।
कोरोना वॉरियर्स की भूमिका को समझा
शिवाय की मां अर्चना खरे ने बताया कि बेटे ने पुलिस ऑफिसर का किरदार निभाया। उसे तैयार करने के लिए अलग से ड्रेस डिजाइन करवाई थी। पढ़ाई का यह तरीका समझाने के लिए बहुत अच्छा है। स्कूल में फैंसी ड्रेस कॉम्पीटिशन में कम्युनिटी हेल्पर की भूमिका को समझाया जाता था लेकिन अभीे स्कूल बंद हैं। इसलिए वर्चुअली ही उन्हें समाज के लोगों की जानकारी मिल रही है। इस तरह उसने जाना कि कोरोना वॉरियर्स कौन है।
पढ़ाई का यह तरीका बहुत कारगर है
विवान की मां ईशा गौतम ने बताया कि बेटा साढ़े चार साल है। इस क्लास के लिए वो डॉक्टर बना था। इस दौरान उसे यह समझ में आया है कि डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ हमारी किस तरह से मदद करते हैं। अगर ये मदद नहीं करेंगे तो हमें सरवाइव करने में बहुत परेशानी होगी। पढ़ाई का यह तरीका बहुत कारगर भी है। क्योंकि उन्हें वर्चुअली क्लास में इन चीजों को समझाना थोड़ा कठिन होता है।
मैकेनिकल इंजीनियर का किरदार निभाया
रूशील की मां मीनाक्षी धूत ने बताया कि बेटा अभी कम्युनिटी हेल्पर का मतलब समझ नहीं सकता। मैकेनिकल इंजीनियर कौन होता है उसे नहीं पता। लेकिन कम्युनिटी हेल्पर पैटर्न में उसने एक मैकेनिकल इंजीनियर का किरदार निभाया है। जिससे उसे समझ में आया है कि एक इंजीनियर क्या होता है और वे समाज में किस तरह मदद करते हैं। इन तरह के किरदारों से वे प्रेरणा भी लेते हैं, इससे आगे चलकर उनकी पढ़ाई में दिलचस्पी भी बढ़ती है।
यह किरदार लक्ष्य तय करना सिखाते हैं
टीचर भावना हरगुनानी ने बताया कि स्टूडेंट्स को अभी वर्चुअल क्लासेस में एक घंटा ही पढ़ाया जाता है इसलिए उन्हें सोशल एक्टिविटीज भी कराई जाती है। उन्हें कम्युनिटी हेल्पर पैटर्न से पढ़ाई कराई जाती है। स्टूडेंट्स पुलिस ऑफिसर, डॉक्टर्स, पोस्टमैन, टेलर, इंजीनियर आदि का किरदार निभाते हैं और उनके बारे में कुछ विचार रखते हैं।
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