पटरी पर लौटे उद्योग, शिकायतें भी बढ़ी
भोपाल। कोरोना संक्रमण नियंत्रण होने के साथ ही राज्य में काम-काज सामान्य हुआ है। उद्योग धंधों का काम भी पटरी पर लौट आया है। अन्य संस्थानों में भी काम पूरी ताकत से शुरू हुआ है। वहीं इससे जुड़े कर्मचारियों, यहां कार्यरत श्रमिकों की शिकायतें भी बढ़ी हैं। आठ माह में 21 हजार 933 शिकायतें श्रम विभाग तक पहुंची हैं। इनमें सर्वाधिक शिकायतें प्रदेश के औद्योगिक शहर इंदौर से हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि अभी तक मिली शिकायतों में से 60 फीसदी का निराकरण कर दिया गया है। शेष 40 फीसदी के निराकरण का प्रयास हो रहा है।
सीएम हेल्पलाइन में सबसे ज्यादा ने मांगी हेल्प -
राज्य सरकार ने आमजन की शिकायतें सुनने के लिए द्वार खुले रखे हैं। इनमें ऑनलाइन से साथ ऑफ लाइन व्यवस्था भी है। श्रम विभाग तक एमपी समाधान, जनसुनवाई, सीपी ग्राम, सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त हुईं। सीएम हेल्पलाइन से सर्वाधिक 19301 शिकायतें विभाग को मिली हैं। जबकि सीएम समाधान से 1883, जनसुनवाई से 436 शिकायतें विभाग को प्राप्त हुई हैं।
इस प्रकार की है शिकायतें -
उद्योगों, कारखानों सहित अन्य संस्थानों में काम करने वाले लोगों में से ज्यादारत की शिकायतें वेतन और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने को लेकर है। शिकायतें हैं कि कोरोनाकाल के समय उन्हें बिना पूर्व सूचना के नौकरी से बाहर कर दिया गया। अब वापस लिया है तो कम वेतन मिल रहा है। श्रमिकों की शिकायतें हैं कि उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं दिया जा रहा है। संबंल योजना से जुड़ी शिकायतों की संख्या सबसे ज्यादा हैं।
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इन जिलों से अधिक शिकायतें (टॉप टेन)
इंदौर - 945
सागर - 897
सिंगरौली - 798
रीवा - 772
भोपाल - 725
जबलपुर - 703
मुरैना - 683
विदिशा - 679
छिंदवाड़ा - 618
बालाघाट - 615
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किस क्षेत्र से संबंधित कितने मामले -
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा - 65
मध्यप्रदेश असंगठित कर्मकार मण्डल संबंल योजना की - 15483
मध्यप्रदेश भवन सनिर्माण एवं कर्मकार मण्डल - 3417
राज्य बीमा कर्मचारी चिकित्सालय ईएसआई - 691
श्रमायुक्त कार्यालय - 2104
श्रम कल्याण मण्डल - 109
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