पूर्व केन्द्रीय मंत्री बोले, पाठ्यक्रम का भगवाकरण एक सुनियोजित एजेंडा
भोपाल। मध्यप्रदेश में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, जनसंघ के संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को शामिल किए जाने को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस इसे संघी एजेंडा कह रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने इसे पाठयक्रम का भगवाकरण कहा। यादव का कहना है कि देश में जबरन संघी विचारधारा को लागू करने का यह एक सुनियोजित एजेंडा है, जहाँ भाजपा की सरकारें है वहाँ एजेंडा लागू करना चाहते है। यादव ने कहा, भाजपा यदि अगर हेडगेवार को पढ़ा रही है तो नाथूराम गोडसे को भी पढ़ाया जाना चाहिए, जिसने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या की थी, उसके बारे में भी बताइए।
यह है मामला -
एमबीबीएस के छात्रों के बौद्धिक विकास के लिए देश के विचारकों के विचार सिलेबस में जोड़ा जाएगा। इसके लिए सरकार द्वारा तैयार सूची में महर्षि चरक, आचार्य सुश्रुत, स्वामी विवेकानंद, आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, जनसंघ के संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम शामिल हैं। राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने फरवरी माह में विभाग को नोटशीट भेजकर पांच सदस्यों की कमेटी बनाई थी। इससे मिले सुझाव के आधार पर जीवन दर्शन वाले फाउंडेशन कोर्स में इसे शामिल किया जाएगा। ये सभी एथिक्स टॉपिक का हिस्सा होंगे।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3l7ZcJb
via
No comments