राजधानी में 24 से लगेगा वन मेला, इस बार लगेंगे सिर्फ सरकारी संस्थाओं के स्टॉल, नीम हकीमों को नहीं मिलेगी जगह
राजधानी में बड़े स्तर पर आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय वन मेले के आयोजन का आकार इस बार सिमटकर राज्य स्तरीय हो गया है। वहीं, करोड़ों में रहने वाला बजट भी इस बार घटकर लाखों में आ गया है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस बार मेले का आयोजन भोपाल हाट परिसर में किया जाएगा। जिसमें शासकीय संस्थाओं के ही दुर्लभ जड़ी-बूटियों और आयुर्वेदिक दवाओं के 100 स्टॉल लगाए जाएंगे। मेले में आईएसओ सर्टिफाइड विन्ध्या हर्बल के प्रोडक्ट खास रहने वाले हैं। इस वन मेले की थीम लघुवनोपज से समृद्धि रखी गई है।
वन मेले का आयोजन 24 से 28 जनवरी के बीच किया जाना है। इस वर्ष के आयोजन में कई अहम बदलाव किये गए हैं। पहले इसका आयोजन लाल परेड ग्राउंड में होता था लेकिन इस बार भोपाल हाट में होगा।वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार निजी संस्थाओं की के स्टाॅल नहीं लगाए जाएंगे क्योंकि जगह बहुत ही कम है। इसलिए वन विभाग के वन धन केंद्र और वन उत्पादों से जुड़ी वन समितियों सहित शासकीय संस्थाओं के ही सिर्फ और सिर्फ स्टॉल लगाए जाएंगे।
ये वनोत्पाद मेले में रहेंगे खास
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मेले में विशेष रूप से पिछले जिलों के वनोत्पादों को शामिल किया जाना है। जिसमें वन से इकठ्ठा की जाने वाली नेचुरल शहद, महुआ का लड्डू, महुआ का बिस्टिक,आंवले का मुरब्बा आदि हैं। वहीं, आईएसओ सर्टिफाइड विन्ध्या हर्बल के प्रोडक्ट गिलोय,त्रिकूट चूर्ण, महुआप्राश और निकोटिन फ्री अर्जुन चाय जैसे वनोत्पाद भी शामिल रहेंगे। वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो इस बार मेले में मधुका इंडिका (महुआ) के वनोत्पादों की धूम रहने वाली है।
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