वाई-फाई से लैस होगी सेंट्रल लाइब्रेरी, लड़कियों के लिए तैयार हो रहा अलग से केबिन
लाइब्रेरी में इस समय विभिन्न विषयों से संबंधित एक लाख से अधिक किताबें हैं। इनमें से एक हजार से अधिक किताबों का डिजिटलाइजेशन हुआ। 20 हजार अन्य किताबें भी लाइब्रेरी आकर पीडीएफ फार्मेट में पढ़ी जा सकतीं हैं।
लाइब्रेरी में हैं आठ भाषाओं की किताबें
सेंट्रल लाइब्रेरी में हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, फारसी, अरबी, पंजाबी, बंगाली और कई भाषाओं में किताबें उपलब्ध हैं। ये किताबें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में बेहद उपयोगी होती हैं। लाइब्रेरी में सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए न्यूनतम शुल्क पर विशेष कक्षाएं भी संचालित की जाती हैं। साल भर यहां नि:शुल्क ओरिएंटेशन, वर्कशॉप और मॉक टेस्ट आयोजित होते है।
मात्र 600 रुपए में सालभर की सदस्यता
वर्तमान में साल भर की रजिस्ट्रेशन फीस 1600 रुपए है। इनमें से 600 रुपए लाइब्रेरी की सदस्यता और 1 हजार रुपए डिपॉजिट के रूप में लिया जाता है। 1 हजार रुपए एक साल पूरा होने पर वापस कर दिए जाते हैं। लाइब्रेरी का समय सुबह आठ बजे से रात 10 बजे तक है। खासबात यह है कि यह सप्ताह में सातों दिन खुली रहती है
केबिन के लिए चल रही है वेटिंग
सेंट्रल लाइब्रेरी में रोजाना 500 से ज्यादा स्टूडेंट रोज पहुंचते हैं, जबकि लाइब्रेरी की सदस्य संख्या 10 हजार है। इसमें से लगभग 5 हजार विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर हैं। यहां 165 केबिन हैं। केबिन के लिए 100 से अधिक वेटिंग चल रही हैं।
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सेंट्रल लाइब्रेरी में कुछ सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इसको लेकर तैयारी चल रही है। लड़कियों के लिए यहां अलग से केविन बनाए जा रहे हैं, इसके लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक्सपर्ट की व्यवस्था की जाएगी।
रतना वाथवानी, क्षेत्रीय ग्रंथपाल, सेंट्रल लाइब्रेरी
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