मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर में होता है आजादी का अभिषेक, वो भी 1947 के मुहूर्त के हिसाब से
देश की कुंडली में कालसर्प योग है, इसमें राहू-केतु व शनि का वास होने से करते हैं पूजा
मंदसौर। शहर के विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में 1947 के मुहूर्त के हिसाब से हर साल आजादी का अभिषेक किया जाता है। तिथि अनुसार इस बार स्वतंत्रता दिवस 10 अगस्त को है। इस कारण इसी दिन सुबह 9 बजे विशेष पूजा की जाएगी।
ज्योतिष कर्मकांड परिषद के अनुसार भारत की कुंडली में कालसर्प दोष है। इसके निवारण के लिए 31 साल से तिथि अनुसार स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। परिषद के सदस्य हर साल पशुपतिनाथ का दूर्वाभिषेक कर स्वतंत्रता दिवस की खुशियां मनाते हैं। ज्योतिषाचार्य पं. उमेश जोशी के अनुसार 1947 की रात 12 बजे भारत आजाद होने के कारण देश की कुंडली में कालसर्प योग है। इसमें राहू, केतु व शनि का वास होने के कारण सभी क्षेत्रों में संपन्न होने के बाद भी देश में भूख, भय की स्थिति बनी रहती है। भोलेनाथ का दूर्वा व जल से अभिषेक करने से ऐसी सामूहिक विपदा से छुटकारा मिलता है।
नकारात्मक शक्तियों से राष्ट्र को छुटकारा मिलेगा:पं. उमेश जाेशी ने बताया शिव पुराण के अनुसार किसी भी प्रकार की सामूहिक आसक्ति, विनाश या नकारात्मक शक्तियां राष्ट्र पर हावी हो रही हों तो उनसे दूर्वाभिषेक से छुटकारा मिल सकता है। इसलिए हमारी संस्था भगवान पशुपतिनाथ का दूर्वा से अभिषेक कर रही है। ये पंंडित और यजमान की संस्था है जिसमें 500 से ज्यादा सदस्य हैं। अभिषेक में पंडितों द्वारा रूद्रपाठ के मंत्रों से आने वाली विपदा टालने की प्रार्थना की जाती है।
अभिषेक के बाद आरती :इस बार तिथि अनुसार 10 अगस्त को भारत का स्वतंत्रता दिवस आ रहा है। शुक्रवार सुबह 9 बजे पशुपतिनाथ का संस्था दूर्वाभिषेक कर महाआरती करेगी।

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