अच्छी पहली: दादी की तेरहवीं पर 41 कुटंबजनों ने सेवा सदन अस्पताल में भरा स्वेच्छिक नेत्रदान का संकल्प पत्र - Web India Live

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अच्छी पहली: दादी की तेरहवीं पर 41 कुटंबजनों ने सेवा सदन अस्पताल में भरा स्वेच्छिक नेत्रदान का संकल्प पत्र

कुछ लोग समाज के लिए ऐसे काम करते हैं, जो उदाहरण के रूप में सबके सामने रहते हैं। ऐसी ही अनुकरणीय पहल अयोध्या बायपास भोपाल निवासी स्व.लक्ष्मीदेवी के परिवार ने अपनी दिवंगत माता की त्रयोदशी पर की। ज्ञातव्य है कि 99 वर्षीय लक्ष्मीदेवी का 13 दिन पहले स्वर्गवास हो गया था, आज उनकी त्रयोदषी रस्म पर ज्येष्ठ पुत्र षंकर षरण सक्सेना ने अपने 41 कुटंबीजन को राजी कर स्वेच्छिक नेत्रदान का संकल्प करवाया। इन लोगों ने संकल्प पत्र भरकर सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय को दिये। उनके एक अन्य पुत्र डाॅ. गोपाल षरण सक्सेना ने इस हेतु सभी कुटंबीजन के सामने यह बात रखी। इस परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और इष्ट मित्रों ने न केवल इस सद् प्रयास में सहयोग किया बल्कि उन्होंने दो कदम आगे बढ़कर 25 यूनिट रक्तदान भी करवाया साथ ही 5 परिजन ने मृत्यु के उपरांत एम्स अस्पताल को देहदान कराने का संकल्प पत्र भरा। परिवार के लोगों ने दिवंगत माता लक्ष्मीदेवी की अंत्येष्टि भी विद्युत शवदाह गृह में करवायी। 
       इसके अलावा त्रयोदषी में सम्मिलित 40 परिजन तथा इष्ट मित्रों ने नेत्र के अलावा भी अपने अंगदान करने का संकल्प लिया। स्व.लक्ष्मीदेवी के पुत्र षंकर षरण सक्सेना ने कहा कि जीवनकाल में तो मनुष्य समाज में रहकर परस्पर सहयोग का भाव रखता है, मृत्यु के बाद भी यदि मनुष्य के षरीर के अंग किसी के काम आ जाये तो इससे अच्छी बात और कोई हो ही नहीं सकती। सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय के प्रबंधन ट्रस्टी एल.सी.जनियानी ने सक्सेना परिवार को माता के विच्छोह का दुःख सहन करने की षक्ति देने के लिये ईष्वर से प्रार्थना की तथा स्वेच्छिक नेत्रदान का संकल्प पत्र भरने पर सभी को साधुवाद दिया।

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