25 करोड़ के बेलदार असलम से 18 से ज्यादा नक्शा-निर्माण की फाइलें मिलीं;
इंदौर। लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई के बाद चर्चा में आए नगर निगम के बेलदार असलम खान को लेकर नए खुलासे हुए हैं। उसके पास इंजिनियरिंग की डिग्री नहीं थी, फिर भी वह खुद को इंजीनियर बताता था। करोड़ों का आसामी असलम इनकम टैक्स भी नहीं भरता था। उसके पास से नक्शे-निर्माण से जुड़ी डेढ़ दर्जन फाइलें मिली हैं।
लोकायुक्त पुलिस द्वारा की गई जांच में मंगलवार को नगर निगम के करोड़पति बेलदार मोहम्मद असलम व परिजन के नाम के 16 बैंक खाते मिले, जिनमें 15 लाख रुपए जमा मिले। असलम के घर से नक्शों की एक फाइल और उसके भाई इकबाल के यहां से उद्यान विभाग के निर्माण संबंधी 17 फाइलें मिली हैं। वहीं, निगम अफसर अब असलम को आकस्मिक सेवानिवृत्ति देने का प्रस्ताव शासन को भेजेंगे।
फेसबुक पर खुद को बताया इंजीनियर:अफसरों के मुताबिक असलम की फेसबुक प्रोफाइल के मुताबिक उसने1993 में होलकर साइंस कॉलेज बेंगलुरू से पढ़ाई पूरी की जबकि वहां इस नाम का कॉलेज ही नहीं है। अफसरों का कहना है असलम ने सिविल इंजीनियरिंग की होती तो वह निगम में बेलदारी नहीं करता। वह दिनभर सहायक इंजीनियर स्तर के भवन अधिकारी के साथ गाड़ी में घूमता है। असलम करोड़ों का आसामी निकला, पर उसने इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं किया, क्योंकि उसकी सालाना आय ही 2 लाख 28 हजार रुपए है।
फर्जी नाम से ले रखे थे लाइसेंस:लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत मिलने के डेढ़ महीने बाद असलम पर कार्रवाई की। शिकायतकर्ता ने ट्रिपल एक्स नाम से आवेदन दिया था। उसने असलम के छह-सात प्लॉट-मकान की जानकारी देते हुए कहा था यह सब अवैध कमाई से बनाए गए हैं। उसकी निगम में अफसरों से इतनी सेटिंग है कि किसी का भी नक्शा पास करवा देता है। लोकायुक्त अफसरों ने आवेदन पर दर्ज मोबाइल नंबर से शिकायतकर्ता को बयान के लिए बुलाया तो उसने खुद को प्रॉपर्टी व्यवसायी बताया था। शिकायतकर्ता ने कहा था असलम ने बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के लाइसेंस फर्जी नाम से ले रखे हैं और उन पर वह खुद दस्तखत करता है।
आईडीए का बाबू पिंगले सस्पेंड:आईडीए में रजिस्ट्री करवाने के नाम पर अनावश्यक डिमांड के आरोप में तृतीय श्रेणी कर्मचारी मुकुंद पिंगले को सीईओ कुमार पुरुषोत्तम ने सस्पेंड कर दिया। आदेश के मुताबिक, पहले पिंगले का काम रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर लीज डीड प्लॉट धारक के पक्ष में करवाना था। शिकायतें मिलने के बाद उसे इस काम से हटा दिया था। फिर भी वह यह काम करवाता था।

No comments