260 विद्यार्थी कृष्ण व राधा के स्वरुप में पहुंचे स्कूल, साधु वासवानी स्कूल में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम - Web India Live

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260 विद्यार्थी कृष्ण व राधा के स्वरुप में पहुंचे स्कूल, साधु वासवानी स्कूल में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम



- साधु वासवानी स्कूल में उत्साह, उमंग एवं हर्षोल्लास के साथ मनाई गई जन्माष्टमी
संत हिरदाराम नगर। सुधार सभा द्वारा संचालित साधु वासवानी स्कूल में आज जन्माष्टमी का पर्व बड़े उत्साह, उमंग एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शिक्षाविद् विष्णु गेहानी ने जन्माष्टमी पर्व के महत्व बताते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कर्म पर आधारित था, वे कहते थे कर्म करो व फल की इच्छा मत रखों, आज के पावन पर्व पर मैं श्रीकृष्ण को नमन करता हूं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में पधारे विष्णु बंसल ने जन्माष्टमी पर्व की बधाईयां देते हुए बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हम बड़ी धूमधाम से मनाते है इस पर्व पर बच्चों ने श्रीकृष्ण का स्वरुप धारण किया है इस स्वरुप में बच्चे बहुत ही सुंदर दिखाई दे रहे है। साथ ही आपने बताया कि इस विद्यालय में षिक्षा के साथ-साथ बच्चों को हर पर्व के महत्व के बारे में समझाया जाता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे साबूमल रीझवानी जी ने बताया कि कृष्ण अनेक प्रकार के गुणों से जाने जाते हैं, वे निर्धन मित्रों को भी अपना मित्र मानते थे और उनको कई करिष्में दिखाया करते थे, भगवान कृष्ण माता लक्ष्मी के देवता हैं। विशेष अतिथि के रुप में संस्कार स्कूल के सचिव बसंत चेलानी, चंद्र नागदेव, तोलाराम हिमथानी मौजूद थे। सभी ने जन्माष्टमी पर्व की बधाईयां देते हुए कहा कि कृष्ण की लीलाएं अपार हैं, हजारों वर्ष पहले हमने श्रीकृष्ण की लीलाएं टी.वी. व किताबों में देखी व पढ़ी हैं कहा जाता है कि जब-जब धरती पर पाप बढ़ता हैं तब-तब वे जन्म लेते हैं और आसुरी शक्तियों का विनाष करते हैं।
विद्यालय की छात्रा कु. रक्षा गर्ग ने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी हिंदुओं के द्वारा हर्ष और उल्लास से मनाया जाता है श्रीकृष्ण को 108 नामों से जाना जाता है, श्रीकृष्ण का जीवन दो छोरो में बंधा हुआ है, बासुंरी और षंख।
छात्रा नीलम ने इस अवसर पर एक सुंदर कविता प्रस्तुत की।
जन्माष्टमी के अवसर पर लगभग 260 विद्यार्थी कृष्ण व राधा के स्वरुप में उपस्थित हुए जिसमें माखन खाते हुए, बांसुरी बजाते हुए, मटकी फोड़ते हुए ये नन्हें-नन्हें बच्चे बहुत सुंदर दिख रहे थे। विद्यालय का पूरा वातावरण वृंदावन जैसा प्रतीत हो रहा था ऐसा लग रहा था जैसे श्रीकृष्ण भगवान हमारे समक्ष प्रकट हुए हैं। साथ ही नन्हे-मुन्हें बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया जिसे अतिथियों द्वारा बहुत ही सराहा गया।


इस कार्यक्रम में उप प्राचार्या स्वाति कलवानी, दीपा आहूजा, पदमा वाधवानी, रुपाली मेशराम, दीक्षा रामनानी, मुस्कान लच्छवानी, दीपा पारदासानी, मानसी गोकलानी, पलक ईसरानी, मोनिका रामचंदानी बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। मंच संचालन भावना कलवानी द्वारा किया गया।

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