भाजपा की बड़ी मुश्किलें: पूर्व मंत्री ने कहा- जिसे हराया उसके लिए नहीं मांग सकता वोट, निर्दलीय लडूंगा चुनाव
भोपाल. लोकसभा चुनाव के लिए टिकट बंटवारे के साथ ही बगावत भी शुरू हो गई है। शहडोल संसदीय सीट से भाजपा सांसद ज्ञान सिंह नाराज हैं। ज्ञान सिंह ने नाराजगी जाहिर करते हुए हिमाद्री सिंह के लिए प्रचार करने से मना कर दिया है और निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की है। ज्ञान सिंह ने कहा कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की पार्टी ने किसे टिकट दिया है, लेकिन उन्हें अफसोस है कि बिना किसी कारण के उनका टिकट काट दिया गया। उन्होंने कहा कि जिसे मैंने उपचुनाव में हराया था अब उसके समर्थन में वोट कैसे मागूंगा।
और क्या कहा ज्ञान सिंह ने?
सासंद ज्ञान सिंह ने कहा कि क्षेत्र में जब भी पार्टी मुस्किल में घिरी तो मुझे उम्मीदवार बनाया। मैंने पार्टी को निराश नहीं किया और हर बार जीत दर्ज की। मैं हिमाद्री सिंह के लिए प्रचार नहीं करूंगा। संगठन ही बताए कि किस मुंह से वे प्रचार करने जाएं। जिसे मैंने 2016 के उपचुनाव में हराया और जिसके खिलाफ भाषणबाजी की अब उसके लिए वोट किस मुंह से मांगने जाऊंगा।
पांच बार विधायक करे ज्ञान सिंह
ज्ञान सिंह मध्यप्रदेश भाजपा के कद्दावर नेता माने जाते हैं। विंध्य की सियासत में इनकी अच्छी पकड़ है। ज्ञान सिंह पांच बार विधायक रहे और तीसरी बार सांसद बने। शिवराज सरकार में मंत्री भी रहे। अब निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा करके पार्टी की नींद उड़ा दी है। ज्ञान सिंह शहडोल संभाग में कभी कोई चुनाव नहीं हारे हैं।
कौन हैं हिमाद्री सिंह
हिमाद्रि सिंह के पिता दलवीर सिंह कांग्रेस से सांसद रहते हुए दो बार केंद्र सरकार में मंत्री रहे तो उनकी मां राजेश नंदिनी दो बार कांग्रेस की सांसद रह चुकी हैं। हिमाद्रि सिंह कांग्रेस की टिकट पर शहडोल से लोकसभा का चुनाव लड़ा लेकिन भाजपा के ज्ञान सिंह से हार गईं। लोकसभा चुनाव के पहले वो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हों गई। भाजपा ने उन्हें शहडोल लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। हिमाद्रि के पति नरेंद्र ने वर्ष 2009 में राजेश नंदिनी के खिलाफ शहडोल संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, जिसमें वे हार गए थे।
सीधी में भी विरोध
लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की पहली सूची आने के बाद भाजपा में घमासान शुरू हो गया है। सीधी-सिंगरौली संसदीय क्षेत्र से मौजूद सांसद रीति पाठक को एक बार फिर पार्टी ने टिकट दिया है। रीति पाठक को दोबारा उ्ममीदवार बनाए जाने का विरोध शुरू हो गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष कान्तिशीर्ष देवसिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
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