दिव्यांग सतेंद्र का गजब का हौसला, महज 15 घंटों में पार कर लिया नार्थ चैनल, अब मिला पद्मश्री - Web India Live

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दिव्यांग सतेंद्र का गजब का हौसला, महज 15 घंटों में पार कर लिया नार्थ चैनल, अब मिला पद्मश्री

केंद्र सरकार ने पद्म पुरूस्कारों की घोषणा की है। इनमें एमपी की 4 हस्तियां भी शामिल हैं जिन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। इन चारों को साल 2024 के लिए पद्मश्री पुरूस्कार दिया जाएगा। कला में उल्लेखनीय योगदान के लिए उज्जैन के पंडित ओमप्रकाश शर्मा और कालूराम बामनिया, खेल के क्षेत्र में सतेंद्र सिंह लोहिया और साहित्य व शिक्षा के क्षेत्र में भगवती लाल राजपुरोहित को पद्मश्री दिया जाएगा।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार 25 जनवरी को पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई। इनमें एमपी की चार हस्तियों के नाम शामिल हैं। उज्जैन के पंडित ओमप्रकाश शर्मा को मालवी लोक कला माच के लिए पद्म श्री की घोषणा की गई है जबकि कालूराम बामनिया को भी लोक गायन के लिए यह सम्मान दिया जाएगा। धार के भगवती लाल राजपुरोहित को साहित्य के लिए व भिंड के दिव्यांग सतेंद्रसिंह लोहिया को खेल में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा।

उज्जैन के पंडित ओमप्रकाश शर्मा को मालवी लोक कला माच के लिए देशभर में जाना जाता है। उन्होंने माच के लिए कई नाटक लिखे और संगीत भी तैयार किया। कई युवाओं को इस लोक कला का हुनर सिखाया, माच में प्रशिक्षित भी किया।

कालूराम बामनिया भी लोक गायन के लिए देश दुनिया में विख्यात है। वे भजन गायक हैं और मुख्यतः कबीरदास के भजन गाते हैं। कबीर के भजनों की देशभर में प्रस्तुति देते रहे हैं।

धार के साहित्यकार भगवती लाल राजपुरोहित कई किताबें लिख चुके हैं। राजपुरोहित ने कालीदास के मेघदूत को मालवी में रूपांतरण किया है। उन्होंने मालवी में उपन्यास भी लिखा है। राजपुरोहित की प्रमुख रचनाओं में राजा भोज, भारतीय कला और संस्कृति तथा ष्भारतीय अभिलेख और इतिहास आदि किताबें शामिल हैं।

भिंड के दिव्यांग सतेंद्र सिंह लोहिया को पद्म श्री देने की घोषणा कर उनके हौसलों का सम्मान किया गया है। लोहिया पैरा स्वीमर हैं और कई अहम खिताब अपने नाम पर दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने इंग्लिश चैनल को पारकर विश्व रिकॉर्ड बनाया और वे कैटलीना चैनल को भी पार कर चुके हैं।

सतेंद्र सिंह लोहिया एशिया के पहले पैरा स्वीमर हैं जिन्होंने आयरलैंड के नॉर्थ चैनल को पार किया। दिव्यांग ने अपने हौसलों के बल पर इस चैनल को रिकार्ड समय में तैरकर पार किया। सतेंद्र ने महज 14.39 घंटों में नॉर्थ चैनल को पार किया। इस तरह 36 किमी के इस चैनल को पार कर विश्व रिकॉर्ड बनाया।

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