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तीन महीने संभलकर चलिए,गड्ढे भरेंगे न दूर होगा गलियों का अंधेरा

भोपाल. नगर निगम परिषद में मंजूर तीन माह के बजट पर शहर की खराब सड़कों और फुटपाथ समेत यूटिलिटी से जुड़े अन्य कामों पर प्रतिमाह 60.11 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह राशि इतनी कम है कि इससे न तो शहर की सड़कें ठीक हो पाएंगी न ही गलियों का अंधेरा दूर हो सकेगा। ऐसे में अगले तीन महीने तक सुरक्षित घर पहुंचने के लिए खुद को बहुत सतर्क होकर चलना होगा। 808 करोड़ रुपए के बजट को तीन माह में 19 शाखाओं में खर्च किया जाएगा।
पार्क और जल स्रोतों पर ७ करोड़ का खर्च
कॉलोनी के पार्क, तालाब और जलस्रोतों कीं बेहतरी पर हर महीने सात करोड़ रुपए खर्च होगें। कॉलोनियों, मुख्य सड़कों पर प्रकाश व्यवस्था के लिए जून तक 46.12 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यानी हर महीने 15.37 करोड़ रुपए खर्च होगी। बावजूद इसके मुख्य सड़कें और सावकर सेतु तक पर अंधेरा रहता है। तीन माह का बजट की राशि अप्रेल से जून तक खर्च होगी। जून-जुलाई में नया बजट आएगा।

पब्लिक वक्र्स पर १६९ करोड़
-169.51 करोड़ रुपए पब्लिक वक्र्स पर खर्च होंगे। जबकि 12.64 करोड़ रुपए जनसुविधाओं के नाम पर हंै। 182.15 करोड़ में सडक़-फुटपाथ से लेकर यूटिलिटी के काम होंगे। इस तरह जून तक प्रतिमाह 60.11 करोड़ रुपए के काम होंगे।
- 46.12 करोड़ प्रकाश व्यवस्था के लिए तय किए गए हैं। इसमें बिजली का बिल भी शामिल है। नए हाइमास्ट स्थापित कराने व स्ट्रीट लाइट्स स्थापना पर प्रतिमाह 14.03 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
- 03.60 करोड़ रुपए ट्रैफिक सिग्रल के लिए हैं। मौजूदा 150 चौराहों पर सिग्रलिंग सिस्टम मेंटेनेंस से लेकर शहर में करीब 12 नए चौराहों पर नए सिग्रलिंग सिस्टम तय करने पर हर महीने करीब सवा करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी।
- 79.62 करोड़ जलापूर्ति के लिए रखे गए हैं। इसमें बड़ा हिस्सा जलापूर्ति से जुड़े बिजली बिल की राशि का है, लेकिन अप्रेल से तीन माह तक प्रतिमाह 26.54 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें स्थानीय स्तर पर पानी से जुड़े छोटे काम होंगे।
- 12.69 करोड़ रुपए सीवरेज के लिए हैं। इस पर प्रतिमाह चार करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि खर्च होगी।
- 27.50 करोड़ रुपए बाजारों के लिए हैं। विकसित बाजारों जिनमें न्यू मार्केट समेत माता मंदिर कॉम्प्लेक्स व अन्य शामिल हैं पर प्रतिमाह नौ करोड़ रुपए से ज्यादा राशि से फायर सिस्टम और अन्य कामों को किया जाएगा।
- 21.06 करोड़ रुपए पार्क व झील के लिए हैं। इस पर हर माह सात करोड़ खर्च होंगे।
- 01.47 करोड़ रुपए रैन बसेरों के लिए है। यानी प्रतिमाह 50 लाख रुपए खर्च होंगे।
अंतरिम बजट पर आपत्ति: कांग्रेस पार्षद सीएम से करेंगे शिकायत
अंतरिम बजट पर कांग्रेस पार्षद दल ने आपत्ति जताई थी। हंगामा भी किया हुआ था। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी का कहना है कि निगम ने अवैधानिक तौर पर बजट लाया है। कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि कांग्रेस पार्षद दल प्रमुख सचिव व मुख्यमंत्री से शिकायत कर बजट को शून्य कराएंगे।
नगर निगम के काम न रूकें और योजनाओं पर असर न हो, इसलिए अंतरिम बजट लाया गया है। तय राशि से संबंधित शाखाओं से जुड़े आमजन सुविधा के काम होंगे।
मालती राय, महापौर



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